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ऊंट पालकों को मिले थे 2.27 करोड़, अब महज 3 लाख! जानिए पूरी खबर

भवानीसिंह राठौड़@बाड़मेर.भारत विख्यात तिलवाड़ा पशु मेले में इस साल पशुओं की बिक्री नहीं होने से पशुपालकों के चेहरे पर निराशा नजर आई। मेले में 4 हजार 210 पशु बिक्री के लिए पहुंचे लेकिन महज 725 की बिक्री हुई है। अन्य 3 हजार 485 पशुपालक बैरंग लौटे। यहां मध्यप्रदेश, महाराष्ट्र, गुजरात, पंजाब, दिल्ली, हरियाणा सहित कई राज्यों के पशुपालक पहुंचते है। इसके बावजूद मेले में उत्साह नजर नहीं आया।

 

घोड़ा 3 लाख, ऊंट 25 हजार
मेले में 598 घोड़ों की बिक्री हुई है। इसमें न्यूनतम 6 हजार व अधिकतम 3 लाख 12 हजार रुपए में बिका। वहीं 23 ऊंट की बिक्री हुई। जिसमें न्यूनतम 8 हजार व अधिकतम 25 हजार में बिका। 104 बैल की कीमत न्यूनतम 3 हजार व अधिकतम 9 हजार रुपए रही।

 

तीन साल पहले थी करोड़ो में बिक्री
तिलवाड़ा मेले में वर्ष 2017 में 130 ऊंट की बिक्री हुई थी। इससे पशुपालकों को 2 करोड़ 27 लाख रुपए की आय हुई थी। जबकि इस साल महज 23 ऊंट की बिक्री हुई। इससे पशुपालकों को महज 3 लाख रुपए की आय हुई है।

मेले में पहुंचे पशु
पशु : 2019 - 2018 - 2017
गोवंश : 216 - 295 - 342
अश्ववंश : 3128 - 2388 - 3235
ऊष्ट्रवंश : 864 - 1067 - 1348
अन्य : 02 - 00 - 00
कुल : 4210 - 3750 - 4925
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पशु विक्रय
पशु : 2019 - 2018 - 2017
अश्ववंश : 598 - 650 - 648
ऊष्ट्रवंश : 23 - 93 - 130
गोवंश : 104 - 62 - 127
कुल : 725 - 805 - 905

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पशुपालकों की आय
पशु : 2019 - 2018 - 2017
अश्ववंश : 1.72 करोड़ - 1.48 करोड़ - 21.10 लाख
ऊष्ट्रवंश : 3.18 लाख - 8.46 लाख - 2.27 करोड़
गोवंश : 8.03 लाख - 1.99 लाख - 7.34 लाख
कुल : 1.83 करोड - 1.59 करोड़ - 2.56 करोड़
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विभाग को आय
2019 : 8 लाख 77 हजार
2018 : 8 लाख 24 हजार
2017 : 10 लाख 97 हजार

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ऊंट की बिक्री घटी
इस बार तिलवाड़ा मेले में ऊंट की बिक्री कम हुई है। अब कृषि क्षेत्र में ऊंट का उपयोग कम हो गया है। आधुनिक संसाधन बढ़ गए हैं।- अमीलाल साहरण, उप निदेशक, पशुपालन विभाग, बाड़मेर



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