जैसलमेर. मरुस्थलीय जैसलमेर जिले में भीषण गर्मी का आगाज हो गया है। अधिकतम तापमान ने 41 डिग्री का आंकड़ा छू लिया है और आने वाले तीन महीनों में तापमापी का पारा कहां तक उछलेगा, यह अंदाजा लगाना मुश्किल नहीं। ऐसे में लोगों के सामने खासकर ग्रामीणांचलों में रहने वाली आबादी और उनके पशुधन तक पीने का पानी सुचारू रूप से पहुंचाना सरकारी तंत्र की सबसे कड़ी परीक्षा है। जन स्वास्थ्य अभियांत्रिकी विभाग (जलदाय) में इन दिनों जो हालात हैं, उन्हें देखकर पेयजल के लिए हाहाकार मचने की आशंका व्याप्त है। सूबे में नई सरकार गठित होते ही स्थानांतरणों का जो दौर-दौरा चला, उसकी सबसे बड़ी गाज जैसलमेर जिले में जलदाय महकमे पर ही पड़ी है। इसमें भी जैसलमेर विधानसभा क्षेत्र जो करीब 28 हजार 874 वर्ग किलोमीटर में फैला है, यहां स्थितियां बेहद डरावनी बन गई है। इतने विस्तृत इलाके जिसमें अंतरराष्ट्रीय सीमा क्षेत्र भी शामिल है, में पर्याप्त पेयजल आपूर्ति करवाने का जिम्मा महज तीन कनिष्ठ अभियंताओं (जेइएन) के कंधों पर आ गया है। शेष सभी कार्यरत जेइएन लोकसभा चुनाव की आचार संहिता लागू होने से पहले अपने मनवांछित जगह पर स्थानांतरण करवाकर चले गए। उनकी जगह पर नए अभियंताओं को लगाना जिम्मेदार भूल गए। अब इसका खामियाजा लाखों की आबादी और उसकामूक पशुधन भुगतता नजर आ सकता है।
यह है हकीकत
-प्रदेश के विशालतम जैसलमेर जिले में जलदाय महकमे के पास अधिकारियों का विकट टोटा बन गया है।
-कुल 5 अधिशासी अभियंताओं में से 3 ही वर्तमान में कार्यरत हैं,यहां तक कि जैसलमेर नगरखंड जिसके अंतर्गत हजारों वर्ग किलोमीटर का क्षेत्रफल आता है।
-इसकी कमान पोकरण-फलसूंड परियोजना के अधिशासी अभियंता को अतिरिक्त तौर पर सौंपी हुई है। -जिले में सहायक अभियंताओं के 17 में से 10 और कनिष्ठ अभियंताओं के 23 में से 11 पद रिक्त हो गए हैं।
-विभाग के लेखा कार्य का तो यह आलम है कि लेखाधिकारी तथा खंडीय लेखाकारों के सभी 3 पदों पर काम करने वाला कोई नहीं है।
जैसलमेर क्षेत्र के बुरे हाल
वैसे तो जिले भर में जलापूर्ति व्यवस्था के लिए जिम्मेदारों का अभाव है, लेकिन इसमें भी जैसलमेर विधानसभा क्षेत्र का तो राम ही रखवाला है। यहां 1 अधिशासी अभियंता और शहरी पेयजल व्यवस्था में पदस्थापित 1 सहायक अभियंता नहीं है। गौरतलब है कि इसी विधानसभा क्षेत्र में सीमांत शाहगढ़ से म्याजलार, मोहनगढ़ से रामगढ़, फतेहगढ़ आदि इलाके आए हुए हैं। जो जिला मुख्यालय से 100 से 140 किलोमीटर तक की दूरी पर हैं। वहां तथा मार्ग में आने वाले गांव-ढाणियों में मोनेटरिंग के अभाव में किस तरह समयबद्ध जलापूर्ति संभव हो पाएगी, यह बड़ा प्रश्न बना हुआ है। जैसलमेर क्षेत्र में 15 में से 5 कनिष्ठ अभियंता कार्यरत हैं। इनमें से 2 शहरी क्षेत्र के लिए हैं, ग्रामीण इलाकों में तो 13 में से 3 ही अभियंता कार्यरत हैं। जिले के दूसरे विधानसभा क्षेत्र पोकरण के हालात फिर भी कुछ हद तक ठीक हैं। पोकरण खंड के अंतर्गत 9 में से 5 कनिष्ठ अभियंता कार्यरत हैं वहीं 1 अधिशासी अभियंता व 3 सहायक अभियंता पदस्थापित हैं।
फैक्ट फाइल -
- 38 हजार वर्ग किमी से ज्यादा जिले का क्षेत्रफल
- 28874 वर्ग किमी में जैसलमेर विस क्षेत्र
- 9516 वर्ग किमी पोकरण विस क्षेत्र
कमी तो है ही...
यह सही बात है कि विभाग के पास अभियंताओं की कमी है। अब जितने हैं उनसे ही काम चलाना पड़ेगा। फिर भी गर्मी के मौसम में सुचारू जलापूर्ति करवाएंगे।
- सुरेश जैन, अधीक्षण अभियंता, जलदाय विभाग, जैसलमेर





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