दौसा. जिले में पहली बार अधिवक्ताओं ने स्वयं एवं परिजनों के हितों के प्रति जवाबदेही दर्शाते हुए बार काउंसिल राजस्थान के अधिवक्ता कल्याण कोष में 32.39 लाख रुपए की राशि जमा कराई है। जिला अभिभाषक संघ अध्यक्ष दिनेश जोशी ने बताया कि दौसा सहित जिले की अन्य बार एसोशिएसन के सदस्यों ने कई वर्षों से अधिवक्ता कल्याण कोष से दूरी बना रखी थी। ऐसे में अधिवक्ताओं की मृत्यु उपरान्त निर्धारित राशि ही मिलती थी।
इस पर बार कांउसिल ऑफ राजस्थान की नवगठित कार्यकारिणी ने अधिवक्ताओं के हितों में कई महत्वपूर्ण प्रस्ताव पारित किए। इसमें अधिवक्ता व परिजन के बीमार होने पर 5 लाख रुपए तक एवं मृत्यु होने पर 8 लाख रुपए सहायता राशि देने का प्रावधान किया है। इसके अलावा 40 वर्ष तक या इससे पूर्व वकालात छोडऩे पर 15 लाख रुपए तक पेंशनस्वरुप अधिवक्ताओं को देने का प्रावधान किया है।
अध्यक्ष जोशी ने बताया कि बार के सदस्यों में जागरूकता लाकर अधिवक्ता कल्याण कोष का सदस्य बनने के लिए प्रेरित किया गया। वहीं बार काउंसिल राजस्थान को पत्र लिखकर जिला मुख्यालय पर कैम्प लगाकर अधिवक्ता कल्याण कोष का बकाया जमा कराने एवं नए सदस्य बनाने का आग्रह किया गया। ऐसे में शुक्रवार को बार संघ के सभागार में आयोजित कैम्प में दौसा, बांदीकुई, लालसोट, सिकराय एवं महुवा के सैंकड़ों वकीलों ने आजीवन सदस्यता ग्रहण की।
बार काउंसिल के अधिकारी हिमांशु ने बताया कि जिले के वकीलों ने अधिवक्ता कल्याण कोष में बकाया राशि एवं नए सदस्यों के रूप में 32.39 लाख रुपए जमा कराए हैं। महासचिव अतुल नागर ने बताया कि जिला अभिभाषक संघ के अधिकांश वकील राजस्थान अधिवक्ता कल्याण कोष के सदस्य बन चुके हैं। (दौसा ग्रामीण)
कुण्डल में चिकित्सक नहीं मिलने के मामले ने पकड़ा तूल
बांदीकुई. राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुण्डल में रात्रि को चिकित्सक उपस्थित नहीं मिलने को लेकर मामला बढ़ता जा रहा है। इसको लेकर समाज कल्याण बोर्ड की पूर्व सदस्य सुनीता सैनी ने जिला कलक्टर को पत्र लिखकर मामले की जांच करने एवं रात्रि को चिकित्सकों के मुख्यालय पर ही रहने के लिए पाबंद किए जाने की मांग की। उन्होंने बताया कि उच्चाधिकारियों की उदासीनता के चलते जिले के कई स्वास्थ्य केन्द्रों पर रात्रिकालीन ड्यूटी पर चिकित्सक नहीं रहते हैं। इससे आमजन को खासी असुविधा का सामना करना पड़ रहा है।
गत दिनों कोलवा थानान्तर्गत भांवता के बगडेड़ा गांव में फूड पाइजनिंग हो गया था। इसमें करीब दर्जनभर लोगों की तबीयत बिगड़ गई। इस पर सभी को राजकीय सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुण्डल लेकर गए। जहां एक भी चिकित्सक मौके पर नहीं मिला। मजबूरन लोगों को बांदीकुई एवं दौसा चिकित्सालय में उपचार के लिए ले जाना पड़ा।





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