सीकर/ नेछवा.
जिले में पहली बार बड़ी मात्रा में अफीम की खेती पकड़ी गई है। आरोपी ने अपने सवा बीघा खेत में अफीम के पौधे लगा रखे थे। इतने बड़े पैमाने पर अफीम की खेती को देखकर पुलिस भी दंग रह गई। हालांकि अफीफ की खेती करने वाला आरोपी मौके से फरार हो गया। पुलिस ने आरोपी के खेत से अफीम के पौने 13 क्विंटल पौधे बरामद किए हैं। उनको सीज कर थाने में रखवाया गया है। पुलिस मामले की पड़ताल कर रही है। नेछवा थाना पुलिस के अनुसार जरिए मुखबिर सूचना मिली थी कि तिड़ोकी छोटी गांव में जने ने अपने खेत पर अफीम की खेती कर रखी है। इस पर पुलिस अधीक्षक डा. अमनदीप सिंह कपूर के निर्देश पर पुलिस टीम गठित कर आरोपी के खेत पर धावा बोला गया। इससे पहले अफीम की खेती करने वाला आरोपी भागीरथमल पुत्र दुर्गाराम पुलिस के पहुंचने से पहले ही फरार हो गया। उसने अपने हिस्से के खेत में अफीम के पौधे लगा रखे थे। इसके बाद सीओ लक्ष्मणगढ़ सुरेंद्र जाखड़ की मौजूदगी में इन अफीम के पौधों को कटवाया गया और जब्त कर थाने में लाकर सीज कर दिया गया । बाजार में इन अफीम के पौधों की कीमत 38 लाख रुपए आंकी जा रही है। पुलिस इस मामले में नारकोटिक्स विभाग की भी मदद लेगी। फिलहाल आरोपी भागीरथमल की खोजबीन में जुटी है। उसके संदिग्ध ठिकानों पर दबिश देकर उसकी गिरफ्तारी के प्रयास किए जा रहे हैं।
ये थे टीम में शामिल
अफीम की खेती की सूचना पर एएसआइ जीवण, हैड कांस्टेबल बनवारी सहित अनिल, रामप्रताप, प्रेमप्रकाश और पुलिसकर्मी सुमन को टीम में शामिल किया गया। उन्होंने पहले पुख्ता मुखबिरी कर गांव के लोगों को विश्वास में लिया और घेराबंदी कर आरोपी के खेत पर पहुंचे।
चलाता है ट्रक
अफीम की खेती का चलन ज्यादातर चित्तौडगढ़़ और यूपी में है। फरार आरोपी भागीरथ ट्रक चलाता है। पुलिस को अंदेशा है कि ट्रक चलाने के दौरान भागीरथ अफीम के बीज इन जगहों से ला सकता है। भागीरथ का एक भाई जयपुर रहता है और दूसरा यहीं रहकर खेती करता है। खेत का बंटवारा होने के बाद भागीरथ ने अपने हिस्से के खेत में यह अफीम की खेती कर रखी थी। जिले में गांजे के पौधे पुलिस भले ही आठ से दस बार बरामद कर चुकी है, जबकि अफीम की खेती शेखावाटी में पहली बार पकड़ी गई है। 12 क्विंटल 78 किलो अफीम के पौधे बरामद होने पर पुलिस ने पटवारी को भी मौके पर ही बुला लिया था।
बड़े गिरोह की आशंका
इतनी बड़ी मात्रा में अफीम की खेती होने में किसी बड़े गिरोह का शामिल होना जताया जा रहा है। पुलिस भागीरथमल व उससे जुड़े अन्य लोगों के बारे में भी सुराग जुटा रही है। राजस्व विभाग की गिरदावरी में भी फसलों के रेकार्ड में अफीम का पता नहीं लग पाना संशय की स्थिति में है। हालांकि कार्रवाई के दौरान पुलिस ने राजस्व अधिकारियों को भी मौके पर बुलाकर अफीम की खेती दिखाई थी।
गेहूं व इसबगोल के बीच अफीम
अफीम की खेती करने वाले आरोपी भागीरथ की उम्र करीब 35 साल है और वह इतना शातिर है कि इसने गेहूं और इसबगोल के बीच अफीम के पौधे बो रखे थे, ताकि किसी को अफीम के बारे में भनक नहीं लगे। इसका खेत भी दूरस्त इलाके में है और इसने अपने परिवार वालों को भी अफीम की खेती के बारे में धोखे में रख रखा था। उनको बता रखा था कि यह कोई दूसरे राज्य में बोई जाने वाली फसल है, जो पकने पर मुंहमांगी कीमत पर बिकती है। अफीम की खेती के लिए भागीरथमल बीज कहां से लेकर आया और फसल तैयार होने के बाद इसकी सप्लाई किसको और कहां देनी थी, इसकी पुलिस तहकीकात कर रही है। हालांकि फसल पूरी तरह पक्की हुई है। पौधों पर डोडे तक लग चुके हैं। इसको पकने में भी करीब दो से तीन माह लगे हैं, लेकिन, गांव वालों सहित परिजनों को भी अफीम की खेती के बारे में पता नहीं लगा।
इनका कहना
लोकसभा चुनाव के दौरान मादक पदार्थों की रोकथाम के लिए अफीम की बड़ी खेप बरामद की है। आरोपी भागीरथमल के खेत से करीब पौने 13 क्विंटल अफीम के पौधे पुलिस के हाथ लगे हैं। फरार हुए खेत के मालिक भागीरथ को प$कडऩे का प्रयास जारी है। -राजेश कुमार, नेछवा थानाधिकारी





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