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भगवान भरोसे हजारोंं मवेशी , 46 केंद्रों में से 27 चिकित्सा केंद्र 4 साल से बंद

उमेश मेनारिया/मेनार . पशु चिकित्सालय और पशु उपस्वास्थ्य केंद्र की स्थिति दयनीय है। स्टाफ की कमी के चलते केंद्र संचालित नहीं हो पा रहे हैं। केंद्रों पर पशु चिकित्सकों, पशुधन परिचरों और पशुधन सहायकों के कई पद रिक्त है। वल्लभनगर तहसील में 46 में से 27 पशु चिकित्सालय 4 साल से खुले ही नहीं है।
पशुपालन व्यवसाय पर आधारित वल्लभनगर तहसील क्षेत्र में पशुओं का उपचार चुनौती बना हुआ है। हालात ये है कि 3-4 साल पहले टीएसपी क्षेत्रों में हुए स्थानान्तरण की जगह नई नियुक्तियां नहीं हो सकी। क्षेत्र में 46 पशु चिकित्सा केंद्र हैं, जिनमें 29 उपचिकित्सा केंद्र, 4 प्रथम श्रेणी और 13 पशु चिकित्सालय है। इनमें से महज 17 केंद्र संचालित हैं। वल्लभनगर, कानोड़, भीण्डर, खेरोदा में प्रथम श्रेणी के चिकित्सालय हैं, वही 13 पशु चिकित्सा केंद्रों में से 7 केंद्र ही संचालित हैं। तारावट, रुंडेड़ा, खरसाण, बाठेड़ा कला, कुंडई, लूणदा को छोडकऱ मोड़ी, नीमड़ी, मेनार, सवना, पाणुन्द, दरौली केंद्र बंद पड़े हैं।
निजी डॉक्टरों की मनमानी
सरकारी केंद्र बंद होने से निजी पशु चिकित्सक हावी हैं। पशु चिकित्सा के बदले मनमर्जी से रुपए वसूल रहे हैं। पशु पालक मजबूर हैं। बंद पड़े सरकारी भवन खंडहर होने लगे हैंं, गन्दगी से अटे पड़े हैं।
दवाएं भी उपलब्ध नहीं
खुरपका-मुंहपका जैसे रोग पशुओं के लिए जानलेवा होते हैं। जो केंद्र चालू हैं, वहां भी पहले सरकारी चिकित्सालय में 80 से 90 तरह की दवाइयां मिलती थी, लेकिन पिछले सालों में 10 से 12 प्रकार की दवाएं उपलब्ध हैं। बाजार से दवाइयां खरीदनी पड़ रही है।

इनका कहना...
चिकित्सा केंद्र लम्बे समय से बंद हैं। पहले 2 हजार पदों पर भर्ती हुई थी, लेकिन मामला कोर्ट में जाने से नियुक्तियां नहीं हो पाई। स्टे हटने के बाद पशुधन सहायकों की नियुक्ति होगी। इसके बाद ही समाधान होगा। हम मौसमी बीमारियों के दौरान टीकाकरण करवाते हैं।
डॉ. विलास राय, वरिष्ठ चिकित्साधिकारी, प्रथम श्रेणी, पशु चिकित्सालय वल्लभनगर
& उदयपुर जिले में चिकित्सा केंद्रों पर 60 प्रतिशत पद रिक्त हैं। इसीलिए अधिकांश केंद्र बंद हैं। पशुधन सहायकों की भर्ती हुई है। स्टे के कारण मामला अटका हुआ है । जल्द ही केंद्रों पर नियुक्ति देकर पद पद भरे जाएंगे।
डॉ ललित जोशी, संयुक्त निदेशक, पशुपालन विभाग उदयपुर
पशुपालकों की समस्या पहली प्राथमिकता है। पिछली सरकार इन केन्द्रों पर पद सृजित नहीं कर पाई। हमारी सरकार जल्द ही पद सृजित करेगी। विभागीय उच्च मंत्री को समस्या से अवगत करवा कर जल्द ही समाधान करेंगे।
गजेंद्रसिंह शक्तावत, विधायक, वल्लभनगर



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