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नगर परिषद पर लगाया 63.80 लाख का जुर्माना

भीलवाड़ा।

 

राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल ने कोठारी नदी को प्रदूषित करने पर कठोर कार्रवाई की है। नेशनल ग्रीन ट्रिब्युनल (एनजीटी) के निर्देश पर मंडल ने भीलवाड़ा नगर परिषद पर 63.80 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है, वहीं 25 लाख अतिरिक्त गारंटी मांगी है। इसी प्रकार शहर के एक निजी अस्पताल पर भी 5.70 लाख रुपए का जुर्माना लगाया है। प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से प्रदेश में पहली बार प्रदूषण व पर्यावरण को क्षति पहुंचाने पर जुर्माना लगाया गया है। यह राशि 3 मई को एनजीटी में होने वाली सुनवाई से पहले केन्द्रीय प्रदूषण नियंत्रण मंडल दिल्ली में जमा करानी होगी।


राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल की ओर से परिषद व केशव पोरवाल हॉस्पिटल को जारी नोटिस में कोठारी नदी को दूषित करने तथा पर्यावरण को क्षति पहुंचाने पर क्षतिपूर्ति राशि के नोटिस जारी किए गए हैं। परिषद से जुर्माने के अलावा 25 लाख रुपए की अतिरिक्त गारंटी इस शर्त पर मांगी गई है कि सीवरेज ट्रीटमेन्ट प्लांट कब तक तैयार कर लिया जाएगा।

 

पहले एनजीटी लगा चुका जुर्माना

 

गत 6 मार्च को एनजीटी ने बालोतरा की लूणी नदी में प्रदूषण के मामले में सरकार पर 30 करोड़ का जुर्माना तथा 10 करोड़ की बैंक गारंटी मांगी थी। इससे पहले एनजीटी ने पाली जिले की बांडी नदी में प्रदूषण रोकने में विफल रहने पर राज्य सरकार पर 20 करोड़ रुपए का जुर्माना लगाया था।

 

यह है मामला

 

भीलवाड़ा नगर परिषद सीमा क्षेत्र से निकल रही कोठारी नदी में बायोमेडिकल वेस्ट तथा शहर का कचरा, मकान निर्माण से निकला मलबा व आस-पास की कॉलोनियों का गंदा पानी जा रहा है। इसके अलावा नदी में जगह-जगह अतिक्रमण है। नगर विकास न्यास की ओर से बिना पर्यावरण स्वीकृति पुलिया निर्माण व भीलवाड़ा डेयरी की ओर से नदी में दूषित पानी छोडऩे को लेकर शहर के बाशिंदे सज्जन सोडाणी ने एनजीटी में मामला दायर किया था। मामले की सुनवाई के बाद मंडल को नगर परिषद व कोठारी नदी के किनारे पर स्थित केशव पोरवाल चिकित्सालय पर जुर्माना वसूल करने तथा परिषद से बैंक गारंटी लेने के आदेश दिए थे। आदेश की पालना में मंडल ने परिषद व हॉस्पिटल को क्षतिपूर्ति राशि जमा कराने के नोटिस जारी किए हैं।

 

एनजीटी ने पूर्व में भी दिए थे आदेश

एनजीटी ने पूर्व में भी कोठारी नदी में प्रदूषण को रोकने के लिए जिला कलक्टर को भी पाबन्द कर सर्वे रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए थे। इस पर पांच विभागों के अधिकारियों की टीम ने मौका रिपोर्ट तैयार कर एनजीटी को भेजी थी।

सरकारी विभाग ही नहीं पीछे
कोठारी नदी को प्रदूषित करने में सरकारी एजेंसियां ही पीछे नहीं है। नगर परिषद के कर्मचारी शहर का कचरा कोठारी नदी में डाल रहे हैं। नगर विकास न्यास कोठारी नदी में पुलिया का निर्माण बिना स्वीकृति के कर रही है। यहां से निकलने वाले मलबे को भी पुन: कोठारी नदी के मुहाने पर डाला जा रहा है। सरकारी संस्था से जुड़े भीलवाड़ा डेयरी से भी दूषित पानी छोड़ा जा रहा है। वर्ष २०१५ में भी पत्रिका ने डेयरी का मामला उठाया, तो बोर्ड ने डेयरी प्लांट बन्द करने तक के नोटिस जारी कर दिए थे। उसके बाद भी हालात में सुधार नहीं हुआ।

जारी किए हैं नोटिस

कोठारी नदी को प्रदूषित करने के मामले में एनजीटी के आदेश की पालना में नगर परिषद व केशव पोरवाल हॉस्पिटल को राशि जमा कराने के नोटिस जारी कर दिए हैं। एनजीटी में इस मामले में अगली सुनवाई 3 मई को होगी।

राजीव पारीक, क्षेत्रीय अधिकारी, राजस्थान राज्य प्रदूषण नियंत्रण मंडल, भीलवाड़ा

नहीं मिला नोटिस
कोठारी नदी के मामले में राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल से शनिवार तक कोई नोटिस नहीं मिला है। फिर भी इसकी जानकारी कर पालना की जाएगी।
मोहम्मद नसीम शेख, आयुक्त, नगर परिषद
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नोटिस का देंगे जवाब
कोठारी नदी में केवल प्याऊ का पानी जा रहा था। वह भी ध्यान पड़ते ही जनवरी में बन्द कर दिया। राजस्थान प्रदूषण नियंत्रण मंडल से नोटिस मिला है, उसका जवाब देंगे।
रवि बाकलीवाल, प्रबन्धक, केशव पोरवाल चिकित्सालय



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