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मासूम बच्ची का 6 लाख रुपए में सौदा, आरोपियों ने नहीं बताया असली मां का नाम व पता

मोहम्मद इलियास/उदयपुर. दूधमुंही मासूम बच्ची का 6 लाख रुपए में सौदा करने वाले आरोपियों ने गिरफ्तारी के बाद पुलिस के सामने घडिय़ाली आंसू बहाते हुए गुमराह कर उसकी असली मां का पता नहीं बताया। न्यायालय ने आरोपियों को दो दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंपा। इधर, बाल कल्याण समिति ने बच्ची का स्वास्थ्य परीक्षण कराने के लिए उसे एमबी के बाल चिकित्सालय में भर्ती कराने तथा सूरजपोल थानाधिकारी को बच्ची के मां-बाप का पता लगाकर 15 दिन में रिपोर्ट पेश करने के आदेश दिए।
गौरतलब है कि पुलिस ने चम्पालाल धर्मशाला में बच्ची का सौदा करते हुए चिमनपुरा निवासी दम्पती मोहम्मद सुब्हान पुत्र मोहम्मद हनीफ व उसकी पत्नी वीना उर्फ शगुफ्ता को गिरफ्तार किया था। पूछताछ में आरोपियों के विरोधाभासी बयानों में अब तक उन्होंने बच्ची को अजमेर रेलवे स्टेशन से लाना बताया। यह बच्ची उन्हें किसने दी, क्यों दी या यह उसे चुराकर यहां लाए इसके बारे में अब तक स्पष्ट खुलासा नहीं हो पाया है। पुलिस आरोपियों से पूछताछ कर रही है।


आरोपियों को अजमेर लेकर जाएगी पुलिस
— आरोपियों ने बच्ची का सौदा करने के दौरान पायड़ा (गांधीनगर ) निवासी मोहम्मद नौसाद को बताया था कि यह बच्ची उसकी बहन की है, वह कहीं चली गई। रखने में वह सक्षम नहीं है, इस कारण व पैसा लेकर किसी को देना चाहते हैं।
— पुलिस पकड़ में आने के बाद इन्हीं आरोपियों ने बताया कि वे अजमेर में दो माह तक रहे । वहां रहने वाली एक महिला ने पालने के लिए उसे यह बच्चा सौंपा था। महिला के बारे में जब पुलिस ने पूछा तो सकपका गए, अगले ही पल बोले कि उस महिला को वह नहीं जानते।
— तीसरी बात यह कही कि उनका अजमेर रेलवे स्टेशन पर ही डेरा था। उनके पास ही अन्य महिला भी थी। वह महिला कुछ समय के लिए उन्हें बच्ची देकर वापस आने का कह कर गई जो नहीं लौटी। वे बच्ची को रखने में सक्षम नहीं थे इस कारण उदयपुर लाकर यहां वह बच्ची को किसी को देकर पैसा लेना चाहते थे।
पुलिस का कहना है कि बच्ची के बारे में आरोपियों को लेकर टीम अजमेर जाएगी। वहां तफ्तीश के बाद ही इसका खुलासा हो पाएगा।

मासूम बच्ची का 6 लाख में सौदे का मामला
आरोपियों को दो दिन के रिमांड पर पुलिस को सौंपा
आरोपियों को लेकर पुलिस टीम जाएगी अजमेर

चार बच्चों की मां है महिला
पुलिस ने बताया आरोपी वीना उर्फ शगुफ्ता चार बच्चों की मां है। उसकी सबसे बड़ी बच्ची 20 साल की है। चिमनपुरा में रहने के दौरान ही वह अविवाहित मोहम्मद सुब्हान से निकट आ गई और दोनों ने बाद में निकाह कर लिया। परिवार ने इस रिश्ते को नहीं अपनाया तब से दोनों उदयपुर-अजमेर के बीच अलग-अलग डेरा डालकर रह रहे है। मासूम के बेचान के खुलासे के बाद बुधवार को सीडब्ल्यूसी की आपात बैठक कर बच्ची के पुनर्वास को लेकर दिशा निर्देश दिए। समिति अध्यक्ष डॉ.प्रीति जैन, सदस्य सुशील दशोरा, बी.के.गुप्ता व हरीश पालीवाल ने अस्पताल अधीक्षक डॉ.लाखन पोसवाल को बालिका के सम्पूर्ण चिकित्सकीय परीक्षण एवं स्वास्थ्य जांच के लिए राजकीय शिशुगृह से बाल चिकित्सालय में भर्ती करने के लिए अस्पताल अधीक्षक डॉ. लाखन पोसवाल को लिखा तथा बच्ची के पूर्ण स्वस्थ्य होने तक उसे वहीं रखने के आदेश दिए। इस आदेश के बाद राजकीय शिशुगृह अधीक्षिका वीना मेहरचंदानी ने बच्ची को अस्पताल पहुंचाया। समिति ने सूरजपोल थानाधिकारी को भी मासूम के प्रकरण में दोषियों के विरुद्ध कठोर कार्रवाई करने तथा सम्पूर्ण अनुसंधान कर मां-बाप के जैविक मां-बाप का पता लगाने के लिए कहा।



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