दौसा. कुण्डल. ग्राम पंचायत भांवता-भांवती की एक ढाणी में बुधवार रात्रि को दूषित भोजन के सेवन से एक ही परिवार के 7 जनों की तबीयत खराब हो गई। परिजन उन्हें सामुदायिक स्वास्थ्य केन्द्र कुण्डल लेकर पहुंचे, लेकिन रात्रि के समय स्वास्थ्य केन्द्र पर ताला लटका मिला। मजबूरी में सभी को जिला चिकित्सालय दौसा ले जाकर उपचार कराना पड़ा।
जानकारी के अनुसार भृर्तहरी टीला की ढाणी में बुधवार रात्रि को रमेशचन्द्र योगी के परिवार के सभी सदस्य कढ़ी, रोटी एवं दूध पीकर सो गए। रात्रि करीब 12 बजे अचानक परिवार के 7 जनों के एक के बाद एक पेट में दर्द होने लगा एवं कुछ ही देर बाद उल्टी व दस्त शुरू हो गए। ऐसे में सभी को निजी वाहन से कुण्डल पीएचसी लेकर पहुंचे, लेकिन रात्रि के समय स्वास्थ्य केन्द्र पर ताला लटका मिला। ऐसे में एक परिजन ने चिकित्साप्रभारी के मोबाइल नम्बर लेकर घटना की जानकारी दी।
परिजनों का आरोप है कि चिकित्साप्रभारी से सम्पर्क करने पर संतोषप्रद जवाब नहीं दिया गया। ऐसे में काफी देर चिकित्सक या नर्सिंग स्टॉफ के आने का इंतजार करने के बाद सभी को दौसा जिला चिकित्सालय ले गए। जहां ट्रोमा इकाई में रेखादेवी (28), मनीषा योगी (10), माधुरी (6), रामावतार (31), आशीष (5), अर्चना (7), नैनीदेवी (25) का उपचार कर गुरुवार को डिस्चार्च कर दिया गया। वहीं घर पर रहे शेष चार जनों की तबीयत भी खराब हो गई। ऐसे में गुरुवार को गुढ़ाकटला पीएचसी की चिकित्सा टीम ने मौके पर जाकर जांच की। इसके बाद गुरुवार को इनमें से 6 जनों की दोबारा तबीयत खराब हो गई। इस पर उन्हें प्राथमिक स्वास्थ्य केन्द्र गुढ़ाकटला में भर्ती कराया गया।
पांच चिकित्सक फिर भी नहीं रूकते मुख्यालय पर
कहने को तो सरकार की ओर से कुण्डल पीएचसी को सामूदायिक स्वास्थ्य केन्द्र का दर्जा देकर दो महिला सहित पांच चिकित्सक लगा दिए गए। लेकिन रात्रि के समय चिकित्सक मुख्यालय पर नहीं ठहरते। ऐसे में रात्रि के समय मरीजों को दौसा या बांदीकुई के अस्पताल में जाना पड़ता है। उल्लेखनीय है कि कुण्डल पीएचसी को वर्ष 2018-19 में सामुदायिक स्तर पर क्रमोन्नत किया गया है। लेकिन नर्सिंगकर्मियों की कमी अखर रही है।
पानी के भी दूषित होने की है आशंका
ग्रामीणों ने बताया कि परिवार ने रास्ते के समीप ही फर्मे डलवाकर एक पानी का टैंक बना रखा है। इसमें अपने निजी बोरिंग से पानी भरा जाता है। परिजनों ने बिजली नहीं आने पर इसी टैंक से पानी भरकर प्यास बुझाई थी। ऐसे में पानी के भी दूषित होने का भी अनुमान लगाया जा रहा है। (ग्रामीण)
बिना सूचना नहीं आ रही चिकित्सक
कुण्डल सीएचसी में केवल दो ही कम्पाउण्डर कार्यरत हैं। ऐसे में सुबह एवं शाम के समय एक-एक कम्पाउण्डर लगाकर काम चलाया जा रहा है। रात के समय चिकित्सक ऑन कॉल उपलब्ध रहता है। रात्रि के समय जिस चिकित्सक की ड्यूटी थी वह बिना सूचना के नहीं आई। ऐसे में नोटिस जारी कर जवाब तलब किया जाएगा।
डॉ. सीताराम मीना, ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी, दौसा





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