नई दिल्ली। अप्रैल का दूसरा दिन शुरू हो चुका हैै। इस साल के करीब 90 दिन समाप्त हो चुके हैं। एक जनवरी से ओपेक देशों की ओर क्रूड ऑयल के उत्पादन में कटौती कर दी थी। जिसके बाद अंदेशा जताया जा रहा था कि स्थानीय स्तर पर पेट्रोल और डीजल के दाम में कटौती होगी। लेकिन पेट्रोलियम कंपनियों की ओर पेट्रोल और डीजल के दाम में शुरूआत में तो बढ़ोतरी की। लेकिन जैसे जैसे चुनावों की तारीखें नजदीक आई इसमें विराम लगा दिया। इन 90 दिनों में मात्र 42 दिन ऐसे रहे जब पेट्रोल और डीजल के दाम में या तो कटौती रही या फिर बढ़ोतरी की गई। वर्ना बाकी 50 दिनों में पेट्रोल और डीजल ( diesel )के दाम में किसी तरह का कोई बदलाव नहीं देखने को मिला। आज यानि 2 अप्रैल को पेट्रोल और डीजल के दाम स्थिर रखे गए हैं। जबकि एक अप्रैल को पेट्रोल के दाम में पांच पैसे और डीजल की कीमत में 10 पैसे न्रति लीटर की कटौती की गई थी।
पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं
आईओसीएल ( Indian Oil Corporation Ltd ) से मिली जानकारी के अनुसार देश के चार प्रमुख महानगरों में पेट्रोल और डीजल के दाम में कोई बदलाव नहीं देखने को मिला है। दोनों के दाम सोमवार वाले ही लागू रहेंगे। पहले बात पेट्रोल की की करें तो नई दिल्ली, कोलकाता , मुंबई और चेन्नई में पेट्रोल ( Petrol )के दाम क्रमश: 72.86, 74.88, 78.43 और 75.62 रुपए प्रति लीटर चुकानें होंगे। वहीं डीजल की कीमतों की बात करें तो आज देश इन्हीं चार महानगरों में क्रमश: 66.09, 67.83, 69.17 और 69.78 रुपए प्रति लीटर चुकाने होंगे। सोमवार को पेट्रोल और डीजल के दाम में कटौती देखने को मिली थी।
तीन महीने में पेट्रोल के दाम रहे इतने दिनों तक स्थिर
बीते 90 दिनों में (दो दिन अप्रैल के भी जोड़ दिए जाएं तो) पेट्रोल के दाम में 48 दिन दाम एक समान रहे। अगर बात जनवरी महीने की करें तो पेट्रोल के दाम 17 दिनों स्थिर रहे हैं। इसी महीने से क्रूड ऑयल के प्रोडक्शन में कटौती की शुरूआत हुई थी। वहीं फरवरी के महीने में पेट्रोल के दाम में 12 दिनों तक कोई बदलाव नहीं हुआ। वहीं मार्च के महीने में 17 दिन ऐसे रहे जब पेट्रोल के दाम स्थिर रहे। वहीं अप्रैल के महीने में एक और दो अप्रैल को दाम एक जैसे ही हैं। मतलब साफ है कि पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से लोगों को पेट्रोल के दाम में राहत देने की भरपूर कोशिश की है। क्योंकि जिस तरह से क्रूड ऑयल के दाम में बढ़े हैं, उसके अनुसार पेट्रोल के दाम 80 रुपए प्रति लीटर के पार हो जाने चाहिए थे।
डीजल पर भी मिली राहत की सांस
फरवरी महीने के खुदरा और थोक महंगाई के आंकड़ों पर नजर दौड़ाई जाए तो सरकार पिछड़ी हुई नजर आई है। दोनों में बढ़ोतरी देखने को मिली। वो भी तब जब देश में लोकसभा चुनाव है। ऐसे में डीजल की कीमतों में कटौती और स्थिर रखना भी पेट्रोलियम कंपनियों की मजबूरी रहा है। जनवरी महीने से शुरूआत करें तो देश में डीजल के दाम में 15 दिनों तक कोई बदलाव नहीं हुआ। वहीं फरवरी महीने में 28 में से 16 दिन डीजल के दाम पूरी तरह से स्थिर रहे। मार्च के महीने में डीजल के दाम 16 दिन एक जैसे रहे। जिससे आप अंदाजा लगा सकते हैं कि देश में महंगाई को कम करने और क्रूड ऑयल के दाम बढऩे के बाद भी पेट्रोलियम कंपनियों की ओर से डीजल के दाम में राहत पहुंचाने का काम किया है।
इतने बढ़ गए हैं क्रूड ऑयल के दाम
अगर बात क्रूड ऑयल की करें तो ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 15 जनवरी के बाद से 29 मार्च तक करीब 10 डॉलर प्रति बैरल तक बढ़ चुके हैं। 15 जनवरी को ब्रेंट क्रूड ऑयल की कीमत 58.65 डॉलर प्रति बैरल थी। जिसके बाद इसमें लगातार बढ़ोतरी देखने को मिलती रही। 29 मार्च को ब्रेंट क्रूड ऑयल के दाम 67.30 डॉलर प्रति बैरल हो गए हैं। जानकारों की मानें तो रुपए में उछाल और ऑयल प्रोडक्शन में हल्की बढ़ोतरी की वजह से क्रूड ऑयल के दाम या तो स्थिर रहे या फिर मामूली कटौती देखने को मिली है। लेकिन आने वाले दिनों में क्रूड ऑयल के दाम संभव है।





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