मोहम्मद इलियास/उदयपुर. बाल विवाह (Child Marriage) रोकने के लिए सरकार स्तर पर लाख जतन के बावजूद जिला मुख्यालय से 60 किलोमीटर दूर सेमारी क्षेत्र के मेड़ी की ढाणी व सिंहपुर गांव में एक आटा-साटा के तहत बाल विवाह में 12 वर्ष की एक मासूम बालिका वधू अपने ससुराल आ गई तो एक 9 वर्ष की मासूम दुल्हन बनने से रोक लिया गया। सूचना पर पहुंची पुलिस ने वधू बनकर ससुराल आई बालिका को परिजनों के साथ पुन: उसके गांव रवाना किया। इस बीच, दस्तावेजों की जांच में दुल्हन बनने से बची मासूम का दूल्हा भी नाबालिग निकला। पुलिस व प्रशासनिक अधिकारियों ने सभी को पाबंद किया।
पुलिस को बुधवार शाम को सेमारी से पांच किलोमीटर दूर मेडी की ढाणी गांव में बाल विवाह की सूचना मिली थी। सेमारी थानाधिकारी मुकेश कुमार मय जाप्ते गांव पहुंचे, जहां एक रेबारी परिवार में सिंहपुर गांव से बारात आई हुई थी। बारात में करीब 50 से 60 बुजुर्ग व महिलाएं शामिल थी। पुलिस को देखते ही वे सभी डर गए। दुल्हन के बारे में पूछते ही वे गोल-माल जवाब देने लगे। पुलिस ने सख्ती दिखाते हुए दुल्हन को लाने का दबाव बनाया तो कुछ लोग अंदर जाकर दुल्हन बदलने व अन्य तरीका अपनाने प्रयास करने लगे लेकिन दरवाजे पर खड़ी पुलिस को देख वे दुल्हन को बाहर लेकर आए।
एक का रचा ब्याह
जांच में पता चला कि रेबारी के दो परिवारों के बीच आटा-साटा प्रथा के तहत लड़कियां ब्याहना तय हुआ था। आखातीज पर धरपकड़ अधिक होने के चलते परिवारों ने शादी के शुभ मुहूर्त में ही दोनों के विवाह तय कर दिए। मेडी की ढाणी गांव से दो दिन पूर्व सिंहपुर गांव से बारात आई। 12 वर्ष की मासूम का 22 वर्षीय युवा से ब्याह रचाते हुए परिजन उसे ससुराल भी ले गए। अब वे इस परिवार की बेटी को ब्याहने बारात लेकर आए लेकिन जांच में पोल खुल गई। पुलिस के सामने 12 वर्षीय बालिका वधू भी सामने आ गई। पुलिस एवं प्रशासनिक अधिकारियों ने उसी समय परिजनों को पाबंद कर वधू को पुन: परिवार के सुपुर्द कर गांव भेजा तथा पाबंद किया तो वह 18 वर्ष तक इसका गौना नहीं करेंगे।
मन-मसोस कर खाई लापसी
सिंहपुर से बारात आने पर दुल्हन पक्ष ने आवभगत कर खाने का इंतजाम भी किया था। बाल विवाह की पोल खुलने से सभी जाने लगे तो परिजनों ने पुलिस को खाने के बारे में बताया। खाना खराब नहीं हो, इसलिए पुलिस मौजूदगी में सभी बारातियों को भोजन करवाया गया। जीमण में लापसी, दाल व पुड़ी बनाई गई थी, जिसे बारातियों ने वधू नहीं ले जाने के कारण मन मसोस कर खाया।
9 साल की दुल्हन पूछते ही खिलखिलाई
नए कपड़े पहने और सिर से गिरते पल्लू की संभालती यह मासूम जब पुलिस के सामने आई तो उसे देखते ही सभी चौंक गए। पुलिस जब पूछा कि क्या यही दुल्हन है तो वहां सन्नाटा छा गया। सब एक-दूसरे का मुंह तांकने लगे। पुलिस ने परिजनों को डांटते हुए कहा कि आप कैसे, एक मासूम का बचपन छीन सकते हैं। थानाधिकारी मुकेश कुमार ने मासूम दुल्हन को अपने पास बिठाकर पूछा कि तेरा ब्याह हो रहा, तुझे पता है तो बच्ची एकाएक खिलखिलाते हुए बोली कि यह क्या होता है? पुलिस ने बच्ची को अंदर भेजते हुए प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी। गिरदावर के पहुंचने के बाद पुलिस ने दूल्हा-दुल्हन के दस्तावेजों की जांच की तो दूल्हा 20 व दुल्हन 9 साल आठ माह की निकली। दुल्हन पांचवीं कक्षा की छात्रा है।





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