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Action: लापरवाही पड़ गई महंगी, अब रोज लगेगा हजारों का फटका

भूपेन्द्र सिंह/अजमेर.

तबीजी स्थित अजमेर विकास प्राधिकरण की अफोर्डेबल हाउसिंग योजना में आवास निर्माण कार्य पूरा करने में ढिलाई बरत रही ठेकेदार कम्पनी एम/ एस गोल्डन इंफ्रास्ट्रक्चर को अब यह ढिलाई भारी पड़ेगी। निर्माण कार्य में देरी के लिए कम्पनी पर प्रतिदिन 4700 रुपए का जुर्माना लगाया गया है। इसके लिए अनुबंध की शर्तों का हवाला दिया गया है।

निर्माण कार्य में देरी पर पर प्रतिदिन के हिसाब से पेनल्टी लगाने के लिए प्राधिकरण ने अंतिम नोटिस भी जारी कर दिया था। इससे पूर्व राजस्थान शहरी पेयजल, सीवरेज एंव आधारभूत विकास निगम (रूडसिको) ने निर्माण कम्पनी द्वारा निर्माण कार्य पूरा करने के लिए मांगी गई एक साल (31 मार्च 2020) की मोहलत को ठुकरा दिया था। अब प्राधिकरण सचिव इन्द्रजीत सिंह ने शेष निर्माण कार्य जून 2019 तक हर हाल में पूरा करने के निर्देश दिए हैं इसके लिए तीन माह का प्रोविजन एक्सटेंशन दिया गया है।

बार-बार एक्सटेंशन लेती रही कम्पनी
निर्माण कम्पनी तीन साल के निर्माण कार्य का पांच साल तक एक्सटेंशन पहले ही ले चुकी है। अब छठी बार भी लेने की तैयारी थी में है। कम्पनी इसे मार्च 2020 में पूरा करने के लिए समय मांग करते हुए रूडसिको को पत्र लिखा था। कम्पनी के अुनसार अब तक 296 आवास प्राधिकरण को सुपुर्द किए जा चुके हैं। प्राधिकरण ने बकाया 55.821 लाख रुपए का भुगतान नहीं किया है। अफोर्डेबल हाउसिंग योजना के तहत आवास निर्माण का ठेका कम्पनी गोल्डन इंफ्रास्ट्रक्चर को 15 सितम्बर 2011 को ईडब्ल्यूएस श्रेणी के 240, एलआईजी के 192 तथा एमआई श्रेणी के104 सहित कुल 536 आवास का निर्माण करने के लिए 2024 लाख रुपए का ठेका दिया गया था। ठेका शर्तों के अनुसार निर्माण कार्य 19 सितम्बर 2014 को पूरा होना था लेकिन अभी भी निर्माण कार्य शेष है।

1763.92 लाख का हो चुका भुगतान
एडीए ने अब तक अधिक ली गई 43.15 लाख रुपए की राशि तीन दिन में लौटाने के लिए निर्माण कम्पनी को अंतिम नोटिस जारी किया था। अब तक प्राधिकरण निर्माण कम्पनी को 2024 लाख रुपए में से 1763.92 लाख रुपए का भुगतान कर चुका है यह कुल भुगतान का 87.15 प्रतिशत है। निर्माण कम्पनी को आवास निर्माण के पेटे 85 प्रतिशत भुगतान निर्माण की चतुर्थ श्रेणी पूरी होने तथा शेष 15 प्रतिशत का भुगतान आवास निर्माण नियमानुसार पूरा होने तथा प्राधिकरण को हैंडओवर किए जाने के बाद होना था। इस योजना में सीवर चैम्बर वर्क, इलेक्ट्रिक फिटिंग वक्र्स, किचन प्लेटफॉर्म वर्क, आंतरिक आधारभूत विकास अभी तक नहीं हुआ है। कई जगह दीवारों में दरारें तो कई जगहों पर प्लास्टर ही उखड़ा हुआ है।



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