जैसलमेर/पोकरण. कस्बे में कई जगह वर्षों पूर्व लगाए गए लोहे व सीमेंट के विद्युत पोल क्षतिग्रस्त होकर गिरने के कगार पर पहुंच गए है। ऐसे में हादसे की आशंका बनी हुई है। जबकि डिस्कॉम की ओर से इन विद्युत पोलों को बदलने को लेकर कोई कार्रवाई नहीं की जा रही है। कभी भी तेज हवा या आंधी के दौरान इनके गिरने तथा किसी व्यक्ति या भवन के उसकी चपेट में आने से दुर्घटना से इनकार नहीं किया जा सकता। गौरतलब है कि कस्बे में करीब पांच दशक पूर्व विद्युतीकरण के दौरान विभिन्न मोहल्लों में लोहे के विद्युत पोल लगाए गए थे। उसके बाद लोहे के विद्युत पोल बंद कर उसकी जगह सीमेंट के पोल भी लगाए गए। समय के साथ-साथ लोहे के विद्युत पोल नीचे से गल चुके है तथा क्षतिग्रस्त हो चुके है। इसी प्रकार डिस्कॉम की ओर से विभिन्न मोहल्लों में विद्युतीकरण के दौरान लगाए गए कई सीमेंट पोल भी वाहन की टक्कर अथवा सीमेंट उखड़ जाने के कारण क्षतिग्रस्त हो गए है। ये टूटे विद्युत पोल कस्बेवासियों के लिए परेशानी का सबब बने हुए है तथा हादसे को निमंत्रण दे रहे है।
केवल तारों के सहारे विद्युत पोल
कस्बे के विभिन्न मोहल्लों में क्षतिग्रस्त पड़े अधिकांश विद्युत पोल मात्र तारों के सहारे है, तो कई पोल पास ही स्थित मकान की दीवारों के सहारे अटके पड़े है, तो कई पोल डिस्कॉम की ओर से किसी पत्थर आदि का सहारा देकर तत्काल गिरने से रोकने के भी प्रयास किए गए है। मकानों की दीवारों के सहारे टिके क्षतिग्रस्त पोल के पास स्थित मकान मालिकों के लिए परेशानी का सबब बने हुए है तथा उसे ऐसे पोल गिर जाने के कारण मकान के क्षतिग्रस्त होने की चिंता भी सता रही है। विभिन्न मोहल्लों में स्थित ऐसे पोल, जो नीचे से गल गए है अथवा टूटे हुए मात्र तारों के सहारे ही टिके हुए है, जिनके कभी भी तेज हवा या आंधी अथवा तारों के टूटकर गिरने से बड़े हादसे का भी कारण बन सकता है। दूसरी तरफ डिस्कॉम अभियंताओं को इसकी जानकारी होने के बावजूद मूकदर्शक बने हुए है।
यहां है क्षतिग्रस्त पोल
- आडा बाजार से भास्कर मोहल्ला जाने वाले मार्ग पर
- सावों की गली
- चौधरियों की गली
- मंगलपुरा
- मालियों का बास
- जटावास
- भवानीप्रोल जाने वाले मार्ग पर
- गांधियों की गली
शीघ्र बदले जाएंगे पोल
डिस्कॉम की ओर से कस्बे में टूटे विद्युत पोलों का सर्वे करवाकर उसको बदलने के लिए एस्टीमेंट बनवा लिया गया है। चुनाव आचार संहिता के चलते कार्यादेश जारी नहीं किए गए है। आचार संहिता समाप्त होने के बाद ऐसे सभी क्षतिग्रस्त पोलों को हटाकर नए पोल लगाए जाएंगे।
संजय सारण, सहायक अभियंता डिस्कॉम, पोकरण।





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