मो. इलियास/उदयपुर. प्रधानमंत्री, मुख्यमंत्री ऋण सहित विभिन्न सरकारी योजना में ऋण दिलाने के नाम पर एक फर्जी कंपनी के कतिपय लोग सराड़ा व ऋषभदेव वृत्त के सैकड़ों ग्रामीणों से लाखों रुपए की ठगी कर फरार हो गए। इसका पता लगने के बाद ग्रामीणों ने पुलिस अधीक्षक को परिवाद पेश किया। एसपी ने सूरजपोल थाना पुलिस को रिपोर्ट दर्ज कर कार्रवाई के निर्देश दिए है।
सराड़ा के रियाज खां, फिरोज मोहम्मद, होमी देवी, पार्वती सहित कई ग्रामीणों ने परिवाद में मेवाड़ मोटर्स लिंक रोड स्थित पेराडाइज फाइनेशियल सर्विसेज जरिए निदेशक, देहरादून उत्तराखंड़ निवासी रितेश पुत्र सुरेश चौधरी व अरमान कॉम्पलेक्स मेवाड़ मोटर्स लिंक रोड निवासी रूपचरण पर धोखाधड़ी का आरोप लगाया।
READ MORE : मासूम बच्ची का 6 लाख रुपए में सौदा, आरोपियों ने नहीं बताया असली मां का नाम व पता
विज्ञापन दिया, गांव में जाकर बैठक भी ली
ग्रामीणों का कहना है कि जनवरी में उन्होंने अखबार के ऋण संबंधी विज्ञापन देखकर उसमें लिखे नम्बर पर सम्पर्क किया। जानकारी दी गई कि पेराडाइज फाइनेशियल नामक संस्थान होकर वह भारत सरकार से अधिकृत है। संस्थान ग्रामीण क्षेत्र के छोटे दुकानदार व किसानों को विभिन्न सरकारी योजनाओं में एक से पांच लाख तक ऋण उपलब्ध करवाती है। ऋण पर 35 प्रतिशत सब्सिडी रहती है और मात्र 4 प्रतिशत साधारण ब्याज ही लगता है। ऋण के लिए आरोपियों ने दस्तावेज के रूप में आधार कार्ड, मतदाता परिचय, बैंक खाता पासबुक, खाली हस्ताक्षरशुदा चेक, फोटो व आवेदन शुल्क के 500 रुपए लेकर मेवाड़ मोटर्स रोड पर स्थित कार्यालय बुलाया। फरवरी में कई परिवादी यहां पहुंचे तथा दस्तावेज व शुल्क जमा करवाया। आरोपियों ने उन्हें प्रलोभन दिया कि ऋण राशि का भुगतान सहकारिता के रूप में होगा और समूह बनाकर ही ऋण स्वीकृत किए जाएंगे। इसके अलावा जिनका ऋण स्वीकृत होगा उसके मोबाइल पर मैसेज आएगा। उसे पांच हजार रुपए ऋण मार्जिन शुल्क जमा करवाना होगा। उसके बाद आरोपियों ने विभिन्न गांवों में जाकर मिटिंग ली और उन्हें ऋण स्वीकृति के संदेश प्रसारित कर दिए। सभी जनों ने पांच हजार रुपए उदयपुर में आकर जमा करवाएए जिसकी उन्हें रसीद भी दी गई। 15 दिन में उनके खाते में राशि आने का झांसा दिया लेकिन आज तक खाते में पैसे नहीं आए। शक होने पर ग्रामीण उदयपुर पहुंचे तो आरोपी कार्यालय पर ताला लगाकर फरार हो गए।





No comments:
Post a Comment