जयपुर. करीब पूरे शहर में कई माह से तीन हजार से अधिक स्ट्रीट लाइटें खराब हैं। जनता शिकायत करते-करते थक गई लेकिन सुधारने वाला कोई नहीं है। सुधार की जिम्मेदारी जेडीए की है या नगर निगम की, यह भी तय नहीं हो पा रहा। ऐसे में इन रास्तों से रोज गुजरने वाले लोग परेशान हैं। शहरवासी लाइटों को सही करने के लिए निगम में शिकायत कर रहे हैं, लेकिन निगम सही नहीं करवा रहा। लाइटों को सही कराने के लिए निगम ने जेडीए को पत्र लिखा है। हालांकि जेडीए के अधिकारियों का कहना है कि इन लाइटों के रख-रखाव की जिम्मेदारी निगम के पास ही है। इन लाइटों को पहले ही निगम को सौंपा जा चुका है।
निगम में बढ़ रहीं शिकायतें
खराब लाइट की शिकायत शहरवासी निगम में ही करते हैं। निगम में रोज औसतन 100-120 शिकायतें खराब लाइटों से संबंधित आती हैं। इनमें जेडीए द्वारा लगाई गई लाइट भी शामिल हैं। निगम को लगता है कि जेडीए इन लाइटों का निस्तारण कर देगा तो शिकायतों की संख्या में कमी आएगी। वहीं जेडीए अधिकारियों का कहना है कि उनके पास लाइटों के रख-रखाव की कोई व्यवस्था नहीं है। निगम ही इस काम को करता है।
आंधी के बाद आईं 50 से अधिक शिकायतें
रविवार शाम को शहर में आंधी के बाद ही निगम के पास 50 से अधिक शिकायतें आईं। जबकि शाम को रोजाना यह तादाद 30 ही रहती है।
हाईवे से कॉलोनियों तक
राष्ट्रीय राजमार्ग-11, घाट की गूणी (टनल), दिल्ली हाईवे के कुंडा रोड से सड़वा मोड़ तक, ट्रांसपोर्ट नगर अंडरपास से लेकर इस्कॉन मंदिर रोड, प्रिंस रोड, भवानी सिंह रोड, सिसोदिया रानी गार्डन से गलता पीठ तक, हवा सड़क, प्रिंस रोड, महादेव नगर में भी जेडीए द्वारा स्ट्रीट लाइटें तो लगाई गईं, लेकिन इनकों अब तक सही नहीं किया गया है।
कहां कितनी स्ट्रीट लाइटें खराब
नारायण विहार 500
घाट की गूणी 500
एनएच-11 400
ट्रांसपोर्टनगर अंडरपास 400
आमेर कुंडा से सड़वा मोड़ 230
अजमेर रोड एलिवेटेड रोड 150
यहां भी बुरा हाल
एनआरआइ सर्कल से अक्षयपात्र 40
दुर्गापुरा एलीवेटेड रोड 40
प्रिंस रोड 35
करतारपुरा नाले से डीएलबी रोड 45
कल्याणनगर अंडरपास 40
खोले के हनुमानजी पार्किंग 33
जलमहल की पाल 30





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