अकलेरा. कस्बे में लगभग १५ साल पहले हुए नए थाने के निर्माण के बाद मनोहरथाना रोड स्थित पुराने थाना भवन की देखरेख नहीं होने से जर्जर हो गया है। वहीं पुलिस विभाग यहां से आवश्यक सामग्री तो तुरंत ले गया लेकिन यहां स्थित शिव मंदिर की सुध नहीं लेने से भगवान को बिना पूजा और भोग के रहना पड़ रहा है। धीरे-धीरे मंदिर जर्जर हालत में पहुंच गया है। इससे आसपास रहे वाले लोगों में नाराजगी बढ़ रही है, वहीं गंदगी का साम्राज्य बढऩे के साथ ही परिसर असामाजिक तत्वों की शरण स्थली बना हुआ है, लेकिन जिम्मेदार ध्यान नहीं दे रहे है।
करीब 15 साल पहले यहां से थाने का स्टाफ झालावाड़ रोड पर बने नए थाना भवन में शिफ्ट हो गया। इसके बाद धीरे धीरे भवन के खिड़की-दरवाजे यहां तक की कीमती पत्थर भी निकाल कर लोग ले गए। अब तक कई बारिश झेल चुका यह जर्जर परिसर किसी भी समय गिर सकता है। नशेड़ी भी अपना शोक फरमाने इस परिसर में आते-जाते रहते हैं। यहां मन्दिर को अन्य जगह स्थापित करने को लेकर कस्बे के कुछ युवाओं ने सफाई अभियान के माध्यम से पुलिस प्रशासन का ध्यान आकर्षित किया था, लेकिन कोई सकारात्मक निर्णय नहीं निकला।
मवेशियों का जमावड़ा
परिसर में दिनभर आवारा पशुओं को विचरण होने से गंदगी फैला रहती है, विडंबना है कि पुलिस विभाग को यहां से जाने के बाद मंदिर की याद कभी नहीं आई।
गंदगी का साम्राज्य
यहां वर्षभर गंदगी का साम्राज्य रहता है, बारिश के पानी भरने से कीचड़ में तब्दील यह स्थान पूरी तरह गंदगी से सुना रहता है, जंगली पौधे और झाडिय़ां भी उग जाती हैं। कीचड़ से मक्खी-मच्छर पनपते हैं। साथ ही यहां से गुजरने वाले को भी बदबू के कारण परेशानी होती है।
पुराने थाना भवन के चौकी के लिए प्रस्ताव बनाकर उसकी सुरक्षा व्यवस्था करेंगे। अगर वहां मंदिर भी स्थित है तो मूर्तियां भी लेकर आएंगे।
राजेश मीणा, निरीक्षक अकलेरा





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