Breaking News
recent

सोनपालसर में गैस और तेल के भंडार की खोज

सरदारशहर. केंद्र सरकार के पेट्रोलियम मंत्रालय की ओर से नेशनल सिस्मिक प्रोग्राम के तहत तहसील क्षेत्र के विभिन्न हिस्सों में तेल व प्राकृतिक गैस का पता लगाने के लिए सर्वे टीम सोनपालसर पहुंची। डाटा कलेक्शन का काम किया जा रहा है। ओएनजीसी (ऑइल एंड नेचुरल गैस कॉपरेशन लि.) की ओर से कच्छ, जैसलमेर, बीकानेर, चूरू, जोधपुर, नागौर व हनुमानगढ़ में पिछले तीन वर्षों से तेल और गैस के भंडारों का पता लगाने में जुटे हैं। गांव सोनपालसर के भूगर्भ में तेल और प्राकृतिक गैस व तेल के भंडार की खोज के लिए ओएनजीसी की टीम पीआरओ चोखाराम, अनाराम, श्रवण बिश्नोई के नेतृत्व में कंपनी के अधिकारियों और कर्मचारियों ने 200 फीट गहरी बोरिंग की। टीम के अधिकारियों ने बोरिंग में डेटोनेटर से ब्लास्ट कर धरती में आने वाले कंपन को आंका। कंपनी के अधिकारियों के मुताबिक अब प्रति तीन किमी की दूरी पर इसी तरह के 200 फीट गहरी बोरिंग कर तेल भंडार का पता लगाया जाएगा। कंपनी के पीआरओ ने बताया कि अभी यह 2डी सेशन का कार्य चल रहा है। जिसकी रिपोर्ट ओएनजीसी लैब को भेजी जाएगी। रिपोर्ट आने के बाद 3डी सेशन पर कार्य चलेगा। जिसमें ऐसे बोरिंग तीन किलोमीटर की दूरी पर 200 फीट गहरे भूगर्भ में किए जाएंगे तथा ब्लास्ट कर धरती के कंपन की क्षमता आंकने के पश्चात रिपोर्ट तैयारी की जाएगी। पीआरओ ने बताया कि तेल एवं गैस की खोज के लिए एक 18 किमी की लाइन डाली जाती है। उसके ऊपर हर 20 मीटर पर सेन्सर लगा रहता है। जो वीबरो मशीन द्वारा जमीन का कंपन करवाने के दौरान डाटा तैयार करता है। जिसकी जांच लैब में होती है। रिपोर्ट आने में दो से ढाई वर्ष लग जाते हैं। गांव में गैस और तेल के भंडार की खोज के लिए टीम पहुंची तो बड़ी संख्या में ग्रामीण एकत्रित हो गए तथा मशीनों को देखने लगे। अधिकारियों से इसके बारे में जानकारी भी ली।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.