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किरोड़ी बैंसला के भाजपा ज्वॉइन करने पर गुर्जर नेताओं में दो फाड़

 

दौसा.सिकंदरा. गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति के संयोजक कर्नल किरोड़ीसिंह बैंसला के भाजपा ज्वाइन करने के बाद गुर्जर आरक्षण आंदोलन से जुड़े नेताओं में खुलकर दो फाड़ सामने आगए हैं। एक पक्ष ने बैंसला को बाहर का रास्ता दिखाने का एलान किया तो दूसरे पक्ष ने बैंसला का समर्थन करते हुए कहा है कि बैसला को बाहर करने वाले पहले ही निष्कासित हैं।

 

 

गुर्जर नेताओं के एक धड़े ने दौसा में गुर्जर नेता हिम्मतसिंह के आवास पर श्रीराम बैंसला की अध्यक्षता में बैठक आयोजित कर गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति संयोजक कर्नल किरोड़ीसिंह बैंसला के भारतीय जनता पार्टी में शामिल होने के बाद उनके साथ ही विधि सलाहकार एडवोकेट शैलेन्द्रसिंह एवं भूरा भगत को संघर्ष समिति से बेदखल करते हुए नए लोगों का चयन करने का ऐलान किया।

 


बैठक के बाद पत्रकारों को संबोधित करते हुए श्रीराम बैंसला ने कहा कि कर्नल किरोड़ीसिंह बैंसला ने भाजपा ज्वॉइन कर समाज को मंझधार में छोड़ दिया। ऐसे में कर्नल किरोड़ीसिंह बैंसला, एडवोकेट शैलेन्द्रसिंह एवं भूरा भगत को संघर्ष समिति से बाहर किया गया है।

 

गुर्जर नेता हिम्मतसिंह ने बताया कि एसबीसी आरक्षण के लिए समझौते की पालना के लिए होने वाली बैठक सरकार की ओर से स्थगित कर दी गई है। इस संबंध में सरकार के मंत्री भंवरलाल मेघवाल की ओर से उन्हें बताया कि कर्नल किरोड़ीसिंह बैंसला ने राजनीतिक पार्टी भाजपा ज्वॉइन कर ली। ऐसे में आचार संहिता के कारण बैठक स्थगित की गई है। इस मौके पर रतनसिंह, दिवान शेरगढ़ आदि मौजूद थे।

 

 

गुर्जर शहीद स्थल पर एकत्र हो किया बैंसला का समर्थन


सिकंदरा. कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला को संघर्ष समिति से बाहर के ऐलान के बाद सिकंदरा गुर्जर शहीद स्थल पर समाज के पंच पटेल एकत्रित हुए तथा कर्नल किरोड़ी सिंह बैंसला को संघर्ष समिति में संयोजक बनाए रखने की घोषणा की। साथ ही उन्होंने दौसा में प्रेसवार्ता करने वाले समाज के लोगों की कड़े शब्दों में निंदा की।

 


सोमवार शाम को गुर्जर महासभा के प्रदेशाध्यक्ष मनफूलङ्क्षसह तूंगड़, जिलाध्यक्ष रामचंद्र खूंटला, देव सेना जिलाध्यक्ष जलसिंह कसाना, युवा गुर्जर महासभा के कार्यकारी प्रदेशाध्यक्ष मानसिंह बुर्जा, रामप्रसाद पटेल, हनुमान पीपलकी, विश्वम्बर बासड़ा सहित अन्य लोग गुर्जर समारक पहुंचे। गुर्जर स्मारक पर प्रेसवार्ता में सभी ने एक स्वर में कहा कि जिन लोगों ने कर्नल बैंसला सहित चार लोगों को गुर्जर आरक्षण संघर्ष समिति से बाहर का रास्ता दिखाया है। वे लोग पहले ही संघर्ष समिति से बाहर हैं। संघर्ष समिति से बाहर करने का किसी एक व्यक्ति अधिकार नहीं है, यह फैसला समाज करेगा। भाजपा में शामिल होने का कर्नल बैंसला का निजी फैसला है तथा उनकी यह व्यक्तिगत विचारधारा है। समाज उनके साथ रहेगा या नहीं रहेगा यह निर्णय समाज की जाजम पर होगा। इसमें जो भी निर्णय होगा वह सर्वमान्य होगा। कर्नल बैंसला ही समाज के सर्वोपरि नेता हैं।

 

 

जिलाध्यक्ष रामचंद्र खूटला ने सरकार फिर से गुर्जर समाज के साथ छलावा कर रही है। समझौते के तहत हर माह की 12 तारीख को समाज व सरकार के बीच वार्ता होती है। पिछले दिनों सरकार ने समाज के लोगों से वार्ता नहीं की। इससे समाज में रोष है।



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