केशवरायपाटन. इसे कहते हैं गरीबी में आटा गीला। सुबह सभी किसान कम्बाइन मशीन आने का इंतजार कर रहे थे। मशीन आने पर गांव से खेत में जाने की तैयारी के बीच संदेश आया की खड़े गेहंू में आग लग गई। आग की बात सुनते ही नौताड़ा गांव में अफरा-तफरी मच गई।
किसान ट्रैक्टर लेकर खेतों में पहुंचे जहां धुं धुं कर जल रही फसल को देखकर किसान सदमे में आ गए। प्रशासन को सूचना दी, लेकिन प्रशासन तो मानों क्षेत्र से गायब ही मिला। पुलिस ने दमकले बुलाई लेकिन जब तक केशवरायपाटन व कापरेन की दमकले पहुंचती तब तक २७ बीघा गेहंू राख में बदल गए।अपनी ६ बीघा गेहंू की फसल गवा चुके नौताड़ा निवासी छीतरलाल मीणा ने बताया कि आग कैसे लगी, लेकिन उसके तो सालभर के खाने के दाने भी नहीं बचे। इसी गांव के रामरतन मीणा के ६ बीघा, गोपाल मीणा के ७ बीघा, अणदीलाल के ४ बीघा, मूर्ति बाई के ४ बीघा गेहंू जल गए।
किसानों ने बताया कि आग को टैक्ट्ररों से हंकाई कर पानी डालने पर काबू किया जा सका है। किसान जगदीश मीणा ने जिला कलक्टर से किसानों को मुआवजा दिलाने की मांग की है।





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