अजमेर.
बाड़मेर के वर्तमान जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता को अजमेर में नगर निगम आयुक्त रहते हुए आवंटित बंगले में स्वीमिंग पूल निर्माण तथा बंगले के रिनोवेशन पर खर्च की राशि का मामला तूल पकड़ रहा है। मामले में भाजपा के वार्ड-3 से पार्षद ज्ञान सारस्वत तथा एडवोकेट योगेन्द्र ओझा ने जांच की मांग की है। पार्षद सारस्वत तथा एडवोकेट ओझा ने बंगले पर खर्च हुई राशि का ब्योरा मांगा है।
साथ ही यह सवाल किया है कि किसके आदेश पर यह राशि बंगले पर खर्च की गई। सारस्वत और ओझा ने कहा कि निगम के 13 व्यावसायिक नक्शों की जांच भी की जा रही है तो इस मामले की भी जांच की जाए। दोनों ने जिला कलक्टर से मांग की कि इसके लिए भी उच्च स्तरीय कमेटी बनाई जाए। दोषियों के खिलाफ मुकदमा दर्ज करवाया जाए।
निगम ने की थी मरम्मत की मांग, पीडब्ल्यूडी ने कहा बजट नहीं
नगर निगम के अनुसार यह बंगला 7-8 साल से किसी अधिकारी को आवंटित नहीं हुआ था। खराब स्थिति में था। बंगले में पानी का टैंक, सेफ्टिक टैंक, किचन, कमरों का फर्श व बाथरूम आदि खराब था। बताया जा रहा है कि इसकी मरम्मत के लिए नगर निगम के तत्कालीन एक्सईएन केदार शर्मा ने 17 मई 2017 को पीडब्ल्यूडी के एक्सईएन को पत्र लिखा था। लेकिन पीडब्ल्यूडी एक्सईएन दीपक भार्गव का जवाब था कि बंगले की मरम्मत के लिए किसी भी प्रकार के कार्यादेश एवं बजट जारी नहीं होने के कारण आवास में रिपेयर कार्य संभव नहीं है।
(इस संबंध में बाड़मेर में जिला कलक्टर हिमांशु गुप्ता से बातचीत का प्रयास किया गया लेकिन उनसे बात नहीं हो पाई।)





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