बीकानेर. लगातार घाटे चल रही राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम की स्थिति खस्ता हाल है। इसकी मुख्य वजह अवैध वाहनों के संचालन को बताया जा रहा है, लेकिन वास्तविक स्थिति कुछ
और है। रोडवेज की बसों को राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम से अनुबंधित बसों से ही घाटा उठाना पड़ रहा है। इसके बाद भी निगम नई बसें खरीदने के बजाय अनुबंधित बसों की संख्या बढ़ाने की योजना पर काम कर रहा है। ये अनुबंधित बसें बहुत ऊंची दरों पर संचालित होती है जिसका भुगतान राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम को करना पड़ता है। बीकानेर आगार में वर्तमान में रोडवेज की ८५ बसें और अनुबंधित ४३ बसों का संचालन किया जा रहा है। इनमें बांसवाड़ा अहमदाबाद तक बसों का संचालन होता है।
रुका नई बसों का अनुबंध
बीकानेर आगार में नई बसों का अनुबंध करने की योजना पर कार्रवाई चल रही थी। लेकिन रोडवेज कर्मचारियों के संगठनों द्वारा पुरजोर विरोध किया गया। कर्मचारियों के विरोध और प्रदेश स्तरीय आंदोलन की चेतावनी के बाद राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम और राज्य सरकार ने एक बार इस नए अनुबंध की योजना पर रोक लगा दी है।
इस तरह हो रहा है घाटा
बीकानेर से बांसवाड व अहमदाबाद के लिए स्लीपर बसों को प्रति किमी 13 रुपए 61 पैसे की दर से अनुबंधित कर रखा है। इसके अलावा डीजल भी रोडवेज ही भरवा रहा है। लंबी दूरी की एक बस से प्रति किमी अनुमानित खर्च 20 से 22 रुपए तक पहुंच जाता है। रोडवेज को आय के नाम पर महज सात से आठ रुपए ही बचते है, परिचालक का वेतन भी रोडवेज ही वहन करता है जिससे बचत की बजाय घाटा होता है। इसलिए राजस्थान राज्य पथ परिवहन निगम को नई बसे खरीद कर संचालन करना चाहिए।
गिरधारी लाल, शाखा सचिव, एसोसिएशन, बीकानेर





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