बाड़मेर. लम्बे इंतजार से लेटर ऑफ परमिशन(एलओपी) का इंतजार कर रहे बाड़मेर के मेडिकल कॉलेज को इस बार स्वीकृति मिलने की पूरी उम्मीद है। इससे पहले दो बार मेडिकल कौंसिल ऑफ इंडिया(एमसीआइ)निरीक्षण के बाद स्वीकृति से मना कर चुकी है। इस बार कॉलेज प्रबंधन का मानना है कि एलओपी मिल जाएगी। नए सत्र से कॉलेज का संचालन शुरू हो सकेगा।
इसी क्रम में एमसीआइ की टीम अचानक सोमवार को बाड़मेर पहुंची। टीम में शामिल दो सदस्य सबसे पहले जैसलमेर रोड स्थित मेडिकल कॉलेज पहुंचे। उन्होंने कॉलेज में फैकल्टी के अलावा अन्य व्यवस्थाओं को जांचा और परखा।
मेडिकल कॉलेज अस्पताल में ऐसी कुर्सी
टीम के सदस्य मेडिकल कॉलेज अस्पताल के पूछताछ कक्ष में टूटी-फूटी कुर्सी देखकर भड़क गए। टीम सदस्य ने पूछा इस तरह की कुर्सी कैसे रख सकते हो। अस्पताल नया और फर्नीचर पुराना कैसे हो सकता है।
मरीजों के लिए बैंचें क्यों नहीं
ओपीडी में निरीक्षण के समय अधिकांश मरीज फर्श पर बैठे दिखे। इस पर टीम ने पूछा कि लोग फर्श पर क्यों बैठे हैं। इस पर एक चिकित्सक ने कहा कि कक्ष में बैंच नहीं हैं। इस पर भी टीम सदस्य नाराज हुए।
दो बार कर चुकी है मना
उल्लेखनीय है कि पिछले दो बार के निरीक्षण में एलओपी नहीं मिली थी। निरीक्षण में टीम को फैकल्टी पूरी नहीं मिली और बिल्डिंग का निर्माण भी पूर्ण नहीं था। इस बार कॉलेज प्रबंधन ने फैकल्टी पूरी कर दी। वहीं बिल्डिंग का काम भी पूरा हो चुका है। इसके चलते कॉलेज प्रबंधन को संचालन की स्वीकृति मिलने की पूरी उम्मीद है।
स्वीकृति मिलने पर ये होगा फायदा
बाड़मेर मेडिकल कॉलेज का एमसीआइ की तरफ से एलओपी को लेकर यह तीसरा निरीक्षण है। इस बार संचालन की स्वीकृति मिलती है तो 100 मेडिकल स्टूडेंट्स को फायदा मिलेगा क्योंकि 5 मई को नीट की परीक्षा होगी। इसमें सफल होने वाले स्टूडेंट्स काउंसलिंग के बाद यहां प्रवेश पा सकते हैं।
टीम ने किया है निरीक्षण
हमने पूरी व्यवस्थाएं बेहतर तरीके से की हैं। पूरी उम्मीद है कि इस बार हमें एलओपी मिल जाएगी।
डॉ. संजीव मित्तल, पीएमओ एवं मेडिकल कॉलेज अधीक्षक, बाड़मेर





No comments:
Post a Comment