Breaking News
recent

भंवरी देवी प्रकरण मामले में कोर्ट ने लिया अब ये बड़ा फैसला, राजस्थान की राजनीति में आ गया था भूचाल

जोधपुर।

राजस्थान की राजनीति में भूचाल लाने वाले भंवरी देवी ( bhanwari devi Scandal ) बलात्कार और हत्या के मामले में हाईकोर्ट में बुधवार को निगरानी याचिका पर सुनवाई के दौरान केंद्रीय जांच ब्यूरो (सीबीआइ) ने प्रार्थना पत्र पेश कर निगरानी याचिका की सुनवाई सीआरपीसी की धारा 482 के तहत किए जाने का अनुरोध किया। कोर्ट ने इसे स्वीकार करते हुए बचाव पक्ष की ओर से समय चाहे जाने पर सुनवाई 2 मई तक टाल दी।

सीबीआइ ने अनुसूचित जाति जनजाति मामलात की विशेष अदालत की ओर से गत 25 जनवरी को पारित आदेश को निगरानी याचिका दायर कर चुनौती दी थी। ट्रायल कोर्ट ने एफबीआइ की गवाह अम्बर बी कार की गवाही वीडियो कांफ्रेंसिंग से करवाने की बजाय सम्मन जारी कर बुलाने का आदेश दिया था। न्यायाधीश पीके लोहरा की एकलपीठ में बुधवार को सीबीआइ की ओर से विशिष्ठ लोक अभियोजक एजाज खान और पन्नेसिंह रातड़ी की ओर से पेश प्रार्थनापत्र पर बचाव पक्ष ने कोई आपत्ति दर्ज नहीं करवाई। सीबीआइ ने गवाह अम्बर बी कार की वीडियो कांफ्रेंसिंग से गवाही के लिए दो बार प्रार्थना पत्र पेश किया, लेकिन दोनों बार उसे मंजूर नहीं किया गया। याचिका में सभी 17 आरोपियों को पक्षकार बनाया गया है।

गौरतलब है कि भंवरी देवी ने राजस्थान की राजनीति में भूचाल ला दिया था। भंवरी ने कहा कि उसके पास एक सीडी है। जिसमें एक कैबिनेट मंत्री और एक विधायक की ऐसी करतूत कैद है। अगर यह सीडी आम हो गई तो कई राजनेताओं का राज खुल जाएगा और राज्य की सरकार गिर जाएगी। लेकिन इससे पहले कि यह सीडी आम होती खुद भंवरी देवी ही गायब हो गई। हालांकि भंवरी के गायब होने के कुछ दिनों बाद एक सीडी भी सामने आई। इस सीडी ने राजस्थान की सियासत को हिला कर रख दिया था। सीडी के जरिए भंवरी राजस्थान के नेताओं को ब्लैकमेल करती थी। गुमशुदगी के ठीक 126 दिन बाद पता चला कि भंवरी देवी मर चुकी है।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.