दौसा. प्रदेश में दौसा लोकसभा क्षेत्र प्रदेश की एकमात्र ऐसी सीट हो गईहै, जहां दोनों प्रमुख दलों से महिला प्रत्याशी आमने-सामने होंगी। लम्बे इंतजार के बाद रविवार को भाजपा ने आखिर पूर्व केन्द्रीय मंत्री जसकौर मीना को टिकट दिया। कांग्रेस ने एक पखवाड़े पहले 28 मार्च को ही सविता मीना को प्रत्याशी घोषित कर दिया था। गौरतलब है कि दौसा सीट से पहले भी महिला सांसद रमा पायलट रह चुकी हैं।
मंत्री रह चुकी हैं
भाजपा प्रत्याशी 72 वर्षीय जसकौर मीना लालसोट उपखण्ड के मंडावरी गांव के परदेशिया परिवार की बेटी है और इस कारण लालसोट क्षेत्र में वे बुआजी के नाम से जानी जाती हैं। बचपन पंजाब में बीता और वहीं उच्च प्राथमिक स्तर तक शिक्षा ग्रहण की। राजस्थान विश्वविद्यालय से एमए, बीएड किया। इसके बाद शिक्षा विभाग में शिक्षक से लेकर प्रशासनिक पदों पर रहीं। सवाईमाधोपुर लोकसभा सीट से 1999 से 2004 तक प्रतिनिधित्व किया तथा केन्द्रीय मानव संसाधन विकास राज्यमंत्री रह चुकी हैं। भाजपा की राष्ट्रीय उपाध्यक्ष रहीं।
11 साल बाद फिर मिला है मौका
पहली जीत के बाद जसकौर मीना 2004 में सवाईमाधोपुर लोकसभा व 2008 में विधानसभा सीट से हार का सामना कर चुकी हैं। अब फिर 11 साल बाद उन्हें भाजपा ने मौका दिया है।उनके भतीजे वीरेन्द्र मीना लालसोट से विधायक रहकर राज्यमंत्री रह चुके हैं।
मोदी के आने पर ही विकास-जसकौर
टिकट मिलने के बाद जसकौर मीना ने कहा कि पार्टी ने टिकट देकर उन पर जो भरोसा जताया है, इसके लिए शीर्ष नेतृत्व का सम्मान करती हैं। राष्ट्र का विकास तभी होगा, जब मोदी दोबारा आएंगे। टिकट में देरी पर सिर्फ इतना कहा कि कुछ परिस्थितियों से टिकट वितरण में देरी हुई है। दौसा में सब कुछ अनुकूल है।
किरोड़ी के रुख का इंतजार
भाजपा में दौसा के टिकट के लिए राज्यसभा सांसद डॉ. किरोड़ीलाल मीना ने पूरा जोर लगा रखा था। अब टिकट की लड़ाई में पिछडऩे के बाद डॉ. किरोड़ी के रुख का भाजपाइयों से लेकर कांग्रेस तक को इंतजार है।





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