Breaking News
recent

अलवर व करौली-धौलपुर लोकसभा क्षेत्र में फंसे महुवा के छह गांव

दौसा/महुवा ग्रामीण. जिले के महुवा विधानसभा क्षेत्र की दो ग्राम पंचायतों के छह गांव ऐसे हैं, जिनके विधानसभा व लोकसभा क्षेत्र अलवर व करौली-धौलपुर हैं। इससे इन दोनों ग्राम पंचायतों में विकास नहीं के बराबर है। इन ग्राम पंचायतों के लोगों का झुकाव दौसा में हैं और अधिकतर काम महुवा व दौसा में ही होते हैं।

 

 

इन ग्राम पंचायतों के प्रतिनिधियों ने आला अधिकारियों से लेकरराजनेताओं तक काफी जोर लगा लिया है, लेकिन इनको विधानसभा महुवा एवं लोकसभा क्षेत्र दौसा में शामिल नहीं किया जा रहा है। ये दोनों ग्राम पंचायत पाटोली व सायपुर-पाखर है। पाटोली ग्राम पंचायत टोडाभीम विधानसभा एवं लोकसभा क्षेत्र करौली-धौलपुर में है तो सायपुर-पाखर का विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़-राजगढ़ है और लोकसभा क्षेत्र अलवर है।

 


इन ग्राम पंचायतों की यह है स्थिति


दौसा जिले की ग्राम पंचायत पाटोली राष्ट्रीय राजमार्ग 21 पर महुवा व मेहंदीपुरबालाजी के बीच है। इसमें पाटोली, करणपुर व आंतरहेड़ा गांव आते हैं। इन तीनों गांवों में करीब 2800 मतदाता हैं। वर्तमान में यहां सरपंच गोपाल मीना है। यहां के लोगों का अधिकांश काम महुवा में पड़ता है और फिर कोई बड़ा काम हो तो ये लोग दौसा आते हैं। इस ग्राम पंचायत का पाटोली गांव महुवा पुलिस थाने में है तो करणपुर व आंतरहेड़ा मेहंदीपुरबालाजी पुलिस थाना इलाके में आते हैं। ग्राम पंचायत पाटोली की पंचायत समिति भी महुवा ही है, तो जिला परिषद व जिला दौसा है।

 


इसी प्रकार मण्डावर के नजदीक की ग्राम पंचायत सायपुर पाखर में वर्तमान में करीब साढ़े तीन हजार मतदाता हैं। सायपुर पाखर में भी तीन गांव हैं। इसमें सायपुर, पाखर व जैतपुर गांव हैं। यहां की सरपंच अंगूरी देवी है। यह ग्राम पंचायत मण्डावर व गढ़हिम्मतसिंह ग्राम पंचायत के बीच है। जबकि यह ग्राम पंचायत मण्डावर पुलिस थाने में है तो पंचायत समिति महुवा व जिला परिषद व जिला दौसा के अधीन है। इस ग्राम पंचायत का विधानसभा क्षेत्र लक्ष्मणगढ़- राजगढ़ व लोकसभा क्षेत्र अलवर है।

 

 

बस वोट मांगने आते हैं


इन दोनों ग्राम पंचायतों के लोगों ने बताया कि विधानसभा व लोकसभा चुनावों के वक्त ही यहां पर प्रत्याशी वोट मांगने आते हैं, इसके बाद वे यहां पर आकर ही नहीं सम्भालते हैं। ऐसे में विधानसभा व लोकसभा के विकास से इन दोनों ग्राम पंचायतों के इलाके अछूते हैं। चुनाव जीतने के बाद विधायक एवं सांसद इन ग्राम पंचायतों में पहुंच ही नहीं पाते हैं। ऐसे में विधायक एवं सांसद कोष से यहां कोई विकास नहीं हो पाता है।

 

 

अब परिसीमन का इंतजार


इन दोनों ग्राम पंचायतों के लोगों को अब विधानसभा क्षेत्र महुवा एवं लोकसभा क्षेत्र दौसा में शामिल होने के लिए आगामी परिसीमन का इंतजार है। पाटोली सरपंच गोपाललाल मीना ने बताया कि ग्राम पंचायत को विधानसभा क्षेत्र महुवा व लोकसभा क्षेत्र दौसा में शामिल कराने के लिए भरसक प्रयास कर लिए, लेकिन बात नहीं बनी। अब उनको आश्वासन मिल रहा है कि आगामी परिसीमन में शामिल किया जा सकता है।

 

इसी प्रकार सायपुर पाखर सरपंच अंगूरी देवी ने बताया कि उनकी ग्राम पंचायत का विधानसभा व लोकसभा क्षेत्र अलग होने से कोई विकास नहीं हो पा रहा है। यदि उनकी ग्राम पंचायत विधानसभा क्षेत्र महुवा व दौसा लोकसभा क्षेत्र में शामिल रहती है तो विकास के चार चांद लगते। यहां तक की उनकी ग्राम पंचायत का जलदाय विभाग का काम भी लक्ष्मणगढ़ तहसील से होता है।

 


मतदान में भी प्रशासन को आती है दिक्कत


विधानसभा व लोकसभा चुनावों के मतदान में पुलिस प्रशासन को भारी दिक्कत का सामना करना पड़ता है। इन ग्राम पंचायतों के मतदान के केन्द्रों के अन्दर तो सम्बन्धित जिलों की पुलिस व बाहर की सुरक्षा दौसा पुलिस को सम्भालनी पड़ती है। ऐसे में सायपुर-पाखर में मतदान केन्द्र में अलवर व पाटोली में मतदान केन्द्र के अंदर टोडाभीम पुलिस व बाहर दौसा पुलिस को सुरक्षा करनी पड़ती है।



Rajasthan Darpan IFTTT

Rajasthan Darpan IFTTT

No comments:

Post a Comment

Powered by Blogger.