सूरवाल. कस्बे के छापर में राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान द्वारा तैयार करवाया स्कूल का नया भवन लंबे समय से उपयोग में नहीं आ रहा है। यहां चारदीवारी और पेयजल की सुविधा अब तक नहीं होने से स्कूल शिफ्टिंग अटकी हुई है। वहीं दूसरी ओर पुराने भवनों में पर्याप्त जगह नहीं होने से छात्र-छात्राओं को बैठने में परेशानी हो रही है। कस्बे में मुख्य सड़क के पास स्थित राजकीय बालिका माध्यमिक विद्यालय सूरवाल में बालिकाओं के नामांकन में हर साल वृद्धि हो रही है, लेकिन समस्या यह है कि इस भवन में मात्र दो कमरे और बरामदे हैं। ऐसे में बालिकाओं को बैठने में परेशानी हो रही है। राष्ट्रीय माध्यमिक शिक्षा अभियान कार्यालय सवाईमाधोपुर को मिले बजट से कस्बे के पास छापर में नया भवन तैयार करवाया गया, ताकि राबामावि को इसमें और आदर्श उच्च माध्यमिक विद्यालय को छापर में तैयार नए भवन में शिफ्ट किया जा सके।
हालांकि इसके लिए बालिका स्कूल प्रशासन ने प्रस्ताव भी ले लिया है और जनप्रतिनिधि भी सहमत है, लेकिन छापर में लंबे समय से तैयार भवन में पेयजल और चारदीवारी की सुविधा नहीं होने से राजकीय आदर्श उच्च माध्यमिक स्कूल को नए भवन में शिफ्ट नहीं किया जा रहा है। बालिका स्कूल भवन तो जर्जर भी हो चुका है। इसकी पट्टियों और दीवारों में दरारें चल रही है।
छापर में तैयार किए गए नए भवन में चारदीवारी और पेयजल की सुविधा अब तक नहीं हो पाई है। ये दोनों व्यवस्थाएं होने पर ही आदर्श स्कूल को उसमें शिफ्ट किया जा सकता है। एसएमसी और जनप्रतिनिधियों को इस पर ध्यान देना चाहिए।
राकेश कुमार मीना, संस्था प्रधान, राआउमावि सूरवाल
छापर में स्कूल का नया भवन तैयार हुए लंबा समय बीत गया है। यहां पूर्व में शिक्षा विभाग के उपनिदेशक ने भी दौरा किया था और भवन की शिफ्टिंग करवाने के संबंधित अधिकारियों को निर्देश दिए थे। चुनाव बाद नए भवन में पेयजल और चारदीवारी की सुविधा उपलब्ध करवा दी जाएगी।
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