जैतारण. ग्राम निम्बोल की सरहद में स्थित आस-पास की ढ़ाणियों के बाशिन्दे करीब छह माह से पीने के पानी को तरस रहे हैं। इस इलाके के लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। लोगों ने बताया कि निम्बोल जलदाय योजना में तैनात जलदायकर्मियों को क ई बार पानी चालू करने की मांग की गई लेकिन पानी की समस्या का हल नहीं हो पाया।
ग्राम निम्बोल में देवासियों की ढाणी निवासी माणकराम देवासी व राजीदेवी ने बताया कि उनके मोहल्ले में करीब १०० से अधिक जल कनेक्शन हैं। इस मोहल्ले मे शिवजी देवासी के मकान के पीछे बडा लीकेज है। विभाग के कर्मचारियों को कई बार आग्रह किया, लेकिन उसे ठीक नहीं क रने के कारण आधे से अधिक नलों में पानी नहीं आ रहा है। लीकेज से पानी व्यर्थ बह रहा है। इससे आगे के घरों में प्रेशर भी कम हो गया है। ऊपरी क्षेत्र के घरों में पानी नहीं पहुंचने के कारण लोगों को पेयजल संकट का सामना करना पड़ रहा है। इसी तरह सहायतादेवी, पूसाराम चौकीदार, मदनलाल माली, केवलराम, छेलाराम चौकीदार ने बताया कि उनकी ढाणियों में जीएलआर बने करीब ६ वर्ष बीत गए हैं। सभी जीएलआर सूखे पड़े हैं। उन्होंने बताया कि जीएलआर जब से बने हैं तब से खाली हैं। कर्मचारियों ने बताया कि ट्यूबवेल का जलस्तर सूख जाने के कारण जलापूर्ति मुमकिन नहीं है।
यहां के जीएलआर पडे़ सूखे
निम्बोल ग्राम की सरहद में स्थित कचोलिया नाडा, बुधाराम माली की ढाणी, गुलाबराम चौकीदार की ढाणी, बालुराम चौकीदार की ढाणियों में बने चारों जीएलआर उदघाटन के बाद एक दो बार ही भरे गए। उसके बाद से सूखे पड़े हैं। लोगों को पीने के पानी के लिए भटकना पड़ रहा है। ग्रामीणों ने बताया कि उनके यहां पानी की कोई वैकल्पिक व्यवस्था नहीं हुई तो आन्दोलन किया जाएगा।
टूट गई पाइप लाइन
ढाणियों में जाने वाली पाइपलाइन भी जगह-जगह से टूट चुकी है। इन जीएलआर में पानी भेजा जाय तो भी जीएलआर में पहुंचना मुमकिन नहीं है।
गहराया जलस्तर
ट्यूबवेल में पानी कम होने के कारण चारों जीएलआर में पानी बंद है। जवाई परियोजना के ठेकेदार ने अपनी पाइपलाइन बिछाते समय इन जीएलआर को जोडऩे वाली पाइपलाइन तोड़ दी है। जवाई परियोजना के ठेकेदार द्वारा अभी तक ठीक नहीं की है।
लादूराम लिलावत, जलदायकर्मी, निम्बोल
गर्मी में टैंकर चालू करवा देंगे
ग्राम निम्बोल में लीकेज ठीक करवाता हूं। ढाणियों में पानी कम होने के कारण पहुंचाना मुश्किल है। ग्राम पंचायत हमें सर्वे पत्र भर के जमा करवाए तो गर्मियों में टैंकरों से पानी पहुंचा सकते हैं।
अमृतलाल मीणा, सहायक अभियंता, जलदाय विभाग, जैतारण





No comments:
Post a Comment