धीरेन्द्र भट्टाचार्य / जयपुर। जालूपुरा थाना पुलिस बच्चों को नि:शक्त दिखाकर भिक्षावृत्ति करवाने के मामले में फरार गिरोह की महिला सरगना की तलाश में पुलिस ने मंगलवार को भी रेलवे स्टेशन और इसके आस-पास के क्षेत्र में दबिश दी, लेकिन पुलिस को अभी उसका सुराग नहीं मिल पाया है। इस बीच फरार महिला आरोपी की तलाश और बच्चों को तस्करी के जरिए यहां लाने के मामले में जानकारी जुटाने के लिए पुलिस के एक दल को यूपी भी भेजा गया है।
पुलिस ने सोमवार को सहारनपुर निवासी मोहम्मद समीर को गिरफ्तार कर उसके कब्जे से सात और बारह साल के दो बच्चों को मुक्त करवाने के साथी गिरोह के पास से व्हीलचेयर, टेपरिकार्डर, स्पिकर सेट और करीब दस हजार रुपए रेजगारी सहित अन्य सामग्री जब्त की गई थी। इसदौरान समीर के गिरोह की महिला सरगना सलमा फरार हो गई थी। समीर को पुलिस ने मंगलवार को अदालत में पेश किया। अदालत ने उसे न्यायिक हिरासत के तहत जेल भेज दिया है।
गिरोह ने सहारनपुर के कई बच्चों को फांसा जाल में
एडीसीपी धमेंद्र सागर ने बताया कि फरार सलमा भी मूलत: सहारनपुर की ही निवासी है। पूछताछ मे सामने आया है कि सलमा ज्यादातर अपने गरीब रिश्तेदारों के बच्चों के माता-पिता को पैसों को लालच देकर जाल में फांस लेती है। सलमा जाल में फंसे परिजनों को पांच-पांच हजार रुपए एडवांस देकर दो-तीन माह के लिए उनके बच्चों को अपने कब्जे कर लेती है और बच्चों को जयपुर लाकर डरा-धमका कर उनसे भीक्षावृत्ति करवाती है। पुलिस का मानना है कि सलमा की गिरफ्तारी के बाद बच्चों की तस्करी का बड़ा मामला खुल सकता है।
मानवतस्करी में मामला दर्ज
थानाधिकारी विक्रम सिंह ने बताया कि गिरफ्तार आरोपी मोहम्मद समीर और फररा महिला समला के खिलाफ आईपीसी की धारा 370(5) के तहत मानव तस्करी का मामला दर्ज किया गया है, जिमसे आजीवन कारावास की सजा तक का प्रावधान है। फरार आरोपी की तलाश में एक टीम को जयपुर से बाहर भी भेजा गया है।





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