बीकानेर. पुलवामा में पिछले दिनों शहीद हुए जवानों के आश्रितों को मदद के लिए देशभर में लोगों ने पहल की थी। वहीं श्रीगंगानगर के एक परिवार ने अनूठी पहल करते हुए अपने पुत्र की शादी में मिलने वाली शगुन की राशि को 'भारत के वीर फंडÓ में देने का निर्णय किया है। श्रीगंगानगर से अपने पुत्र की बारात लेकर शनिवार को बीकानेर आए गोपाल खडग़ावत ने बताया कि सामाजिक सरोकार की दृष्टि से वे पुत्र की शादी बिना दहेज कर रहे हैं। शादी बीकानेर में हो रही है। उसका आशीर्वाद समारोह सोमवार को श्रीगंगानगर में होगा। इस दौरान रिश्तेदार व मेहमान शगुन के तौर पर जो राशि दूल्हा-दुल्हन को देंगे, वह राशि पुलवामा में शहीद जवानों के आश्रितों की मदद के लिए दी जाएगी।
चार लोगों की कमेटी
खडग़ावत ने बताया कि आशीर्वाद समारोह स्थल पर एक बॉक्स रख दिया जाएगा, जिस पर भारत के वीर नामक फंड लिखा जाएगा। इसमें शगुन की पूरी राशि डाली जाएगी। इसके बाद चार लोगों कीे कमेटी इस राशि का डीडी बनाकर जिला कलक्टर के माध्यम से 'भारत के वीर फंडÓ में जमा कराएगी।
दिल में खुशी है
दूल्हे विकास खडग़ावत ने कहा कि उन्हें खुशी है कि शगुन के तौर मिलने वाली राशि शहीद परिवारों के काम आएगी। साथ ही दहेज सरीखी सामाजिक बुराई को समाप्त करने की ओर कदम बढ़ाया है, जो लोगों को प्रेरित करेगी। विकास खडग़ावत वर्तमान में जम्मू-कश्मीर में सीआरपीएफ में उपनिरीक्षक हैं।
पहल सराहनीय
दुल्हन के पिता बीकानेर के गिन्नाणी क्षेत्र में रहने वाले भूरमल टॉक ने बताया कि उनकी पुत्री के ससुराल पक्ष की पहल सराहनीय है। महज एक रुपए व नारियल में ही शादी कर रहें है। शुगन को राशि को भी शहीदों के परिवारों की मदद के लिए देने का निर्णय अनूठा है।





No comments:
Post a Comment