सादुलपुर. गर्मी के मौसम के साथ ही संपूर्ण तहसील में नहरबंदी के कारण पेयजल संकट गहराया गया है। वहीं विभाग की अनदेखी के कारण दूसरी तरफ लाखों लीटर अमृत-जल धोरों में बहकर बर्बाद हो रहा है। खुड्डी से कांजण जाने वाली जर्मन योजना की पाइप-लाइन गत एक पखवाड़े में तीसरी बार टूट गई जिससे लाखों लीटर पेयजल बर्बाद हो गया। सामाजिक कार्यकर्ता रतन सहारण ने बताया कि खुड्डी से कांजण जाने वाली आठ इंच की सीमेंटेड पाइप लाइन से ढाणा, घणाऊ, कांजण, खुड्डी आदि गांवों में जर्मन योजना के तहत मीठे पानी की सप्लाई होती है। इस लाइन के रख-रखाव का ठेका एल एंड टी कंपनी के पास है। लेकिन पाइप-लाइन बार-बार टूटने से लाखों लीटर पानी व्यर्थ बह जाता है। अनिल सोनी ने बताया कि इस पाइप लाइन को रविवार को टूटने के कारण ठीक किया गया था। मगर सोमवार को पानी छोडऩे के बाद पाइप लाइन पुन: टूट गई। जिससे छह फीट चौड़ा कटाव होकर पानी बहने लगा। इससे सहज ही अंदाजा लगाया जा सकता है कि जहां लोग एक-एक बूंद पानी के लिए तरस रहे हैं, वहीं लाखों लीटर पानी विभाग की अनदेखी व लापरवाही के कारण व्यर्थ बह रहा है।





No comments:
Post a Comment