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गैंगस्टर सुभाष बानूड़ा की गिरफ्तारी के बाद ये कुख्यात बदमाश राजस्थान पुलिस के लिए बना बड़ी चुनौती

सीकर.

हार्डकोर इनामी अपराधी सुभाष बानूड़ा और वीरेन्द्र उर्फ वीरू ने सीकर और चूरू पुलिस की पूछताछ में कई ठिकानों के खुलासे किए हैं। शनिवार देर रात वीरेन्द्र की गिरफ्तारी के बाद दोनों जिलों की पुलिस की संयुक्त टीम इनके साथी शक्ति सिंह को तलाश कर रही है। उसका अभी तक पता नहीं चल पाया है। शक्ति सिंह के पास 40 कारतूस होने से मामला ज्यादा गंभीर हो गया है। भानीपुरा थानाधिकारी मलकीयत सिंह ने बताया कि वीरेन्द्र सिंह को भोजासर बड़ा गांव के बस स्टैंड से गिरफ्तार किया गया है। पुलिस ने उसके पास से पिस्टल और चार कारतूस जब्त किए हैं।


पुलिस को देखकर तानी पिस्टल
थानाधिकारी मलकीयत सिंह ने बताया कि आरोपियों की तलाश के लिए साड़ासर, बिंजरासर, रणसीसर, भींयासर आदि गांवों में खोजबीन की। ग्रामीणों को भी फरार आरोपियों के हुलिए के बारे में जानकारी देते हुए आरोपी दिखाई देने पर सूचना देने के लिए कहा। रात करीब 11 बजे पुलिस गांव भोजासर छोटा पहुंचकर आरोपियों की तलाश में जुटी थी। इस दौरान एक व्यक्ति ने फोन कर पुलिस की ओर से बताए गए हुलिए से मिलता-जुलता एक व्यक्ति के बस स्टैंड पर मौजूद होने व यहां से भागने की फिराक में होने की बात कही। पुलिस तुरंत भोजासर बड़ा गांव के बस स्टैंड पहुंची तो उक्त व्यक्ति बस स्टैंड पर खड़ा था। पुलिस पास में गई तो गांव सुजावास रानोली निवासी वीरेंद्रसिंह उर्फ वीरू पुत्र शिवदयाल सिंह ने पुलिस के सामने पिस्तौल तान दी फिर वह भागने लगा। पुलिस ने ग्रामीणों की मदद से उसे पकड़ कर एक पिस्तौल व चार कारतूस जब्त कर लिए। उधर शनिवार को गिरफ्तार आरोपी सुभाष बानुड़ा को रविवार को कोर्ट में पेश किया गया जहां से उसे एक दिन के लिए पुलिस अभिरक्षा में भेज दिया गया। गिरफ्तार दोनों आरोपियों से पुलिस पूछताछ कर रही है।


मुंबई के बाद जयपुर में बनाया ठिकाना
कुचामन से सुभाष व उसके साथी मुंबई चले गए। वहां पर एक सप्ताह रहने के बाद जयपुर आ गए। जयपुर में रुकने की व्यवस्था सुभाष बराल ने की। सुभाष ने जयपुर, नीमकाथाना, सीकर, नवलगढ़, खेतड़ी, किशनगढ़ और बीकानेर में फरारी काटने के ठिकाने बताए हैं। दो दिन पहले वीरू के रिश्तेदार के पास सरदारशहर के पास स्थित गाजावास गांव में रुके थे। यहीं पर गाड़ी लूटने की योजना बनाई थी।


तीन दिन की रैकी, बाइक पर भागे थे
राजू ठेहट गिरोह से जुड़े मनोज ओला की हत्या के लिए सुभाष बानूड़ा व उसके साथियों ने तीन दिन तक रैकी की। पुलिस की पूछताछ में सुभाष ने बताया है कि मनोज ओला उस पर हमला करने की फिराक में था। यह जानकारी मिलने पर उसकी हत्या की योजना तैयार की गई। इसके लिए सीताराम, नटवर व पवन भी तैयार हो गए। वारदात के लिए ये लोग बाइक पर सवार होकर आए। बाइक उन्होंने रामनिवास और संदीप को सौंप दी। इसके बाद कार लेकर आरके मेगा ट्रेड सेंटर पर गए। मनोज पर सबसे पहले फायर सुभाष ने किया था, लेकिन इसके बाद उसकी पिस्टल कॉक हो गई। इसके बाद सीताराम ने मनोज पर गोलियां दागी। वारदात के बाद वापस सांवली आए और वहां से अपनी बाइक लेकर कुचामन चले गए।


सीकर पुलिस टीम ने अपराधी सुभाष बानूड़ा और वीरेन्द्र से पूछताछ की है। पूछताछ में मिली जानकारी के आधार पर इनके साथियों की तलाश की जा रही है। आरोपियों को जल्द ही गिरफ्तार कर सीकर लाया जाएगा। -डॉ. अमनदीप सिंह कपूर, पुलिस अधीक्षक, सीकर



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