पिछले विधानसभा चुनाव में भी अनेक मुददों को सामने रखकर पार्टियों के नेता चुनाव लड़े थे, लेकिन चुनाव जीतने के बाद सब मुददे गौण हो जाते हैं। हमें ऐसा नेता चाहिए जो जनता के बीच रहकर परेशानियों को समझें। सांसद ऐसा हो जो जनता की बातों को संसद तक पहुंचा सकें।
यह कहना था अलवर शहर में नर्सिंग का प्रशिक्षण ले रही युवतियों का। सरोज सैनी का कहना था अलवर जिले में आसपास के राज्यों से बड़ी संख्या में लोग इलाज के लिए आते हैं क्योंकि यहां बेहतर सुविधाएं मिलती है, लेकिन स्टाफ की कमी से चिकित्सा प्रशासन को काफी परेशानी झेलनी पड़ती है। बड़ी संख्या में नर्सिंग विद्यार्थी बेरोजगार हैं। डिग्री के बाद भी कम वेतन पर काम करना पड़ता है। ज्योति का कहना था कि मरीजों को निजी अस्तपालों जैसी बेहतर चिकित्सा सुविधाएं मिले। अस्पतालों में डाक्टर व नर्सिग स्टाफ बढ़ाया जाए।
ललिता सेन का कहना था कि महिलाओं के लिए सबसे बड़ी समस्या पानी की है। ग्रामीणों क्षेत्रों में भी पानी की कमी होने से गांवों में रहना मुश्किल है। महिलाएं खेती-बाडी करें या फिर पानी का इंतजाम करें। रिनू कुमारी का कहना था कि राज्य सरकार ने पीपीपी मोड पर ग्रामीण क्षेत्रों में प्राथमिक स्वास्थ्य केंद्र व सामुदायिक स्वास्थ्य केंद्र खोल दिए हैं, लेकिन अव्यवस्थाएं होने से इनका लाभ ग्रामीणों को नहीं मिलता। प्रेमलता सेनी का कहना था कि ज्यादा से ज्यादा नर्सिंग स्टूडेंट को प्रशिक्षण मिल सके इसके लिए जिले मेंं अधिक नर्सिंग कॉलेज बनने चाहिए। जो पूर्व में बनकर तैयार हो चुके हैं उनको शुरु करना चहिए।





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