भीलवाड़ा।
जिले में २५ आंगनबाड़ी केन्द्र में नंदघर बनाए जाएंगे, जिसमें इटली की तकनीक का इस्तेमाल होगा। इनकी इमारत में दीवारों व छत के निर्माण में तीन-चार इंच मोटी थर्माकोल की परत लगाएंगे ताकि नमी, ताप और बाहरी शोर से निजात मिल सके। साथ ही भूकंप से भवन के क्षतिग्रस्त होने की आशंका भी घटाई जा सके। जिले में १५ केन्द्रों को आधुनिक रूप दे दिया जबकि दस में काम चल रहा है। इमारत को बच्चों के सीखने का साधन बनाया जाएगा। अत्याधुनिक नंदघरों में नौनिहाल को ककहरा सिखाएंगे।
जिले में नंदघर निर्माण महिला एवं बाल विकास मंत्रालय के अधीन वेदांता समूह कर रहा है। इसमें सौर ऊर्जा से विद्युत आपूर्ति की जाएगी। इंटरेक्टिव लर्निंग के बढ़ावे के लिए बाल डिजाइन से सुसज्जित किया जा रहा है। इमारत को ही सीखने का साधन बनाने एवं बच्चों के सर्वांगीण विकास के लिए टीवी से शिक्षण की सुविधा होगी।
यहां बने नंदघर
वेदांता समूह जिले के हुरड़ा, शाहपुरा तथा सुवाणा ब्लॉक में नंदघर बना रहा है। हुरड़ा के मोतीनगर, बावलो का खेड़ा, लक्ष्मीपुरा, अरणिया चौहान, कल्याणपुरा, न्यू अरवड़, ईटडिया, खातीखेड़ा, हुरड़ा-६, हुरड़ा-१, देवरिया, गेगवा, कुशलपुरा, गागेड़ा निगर, आदर्शनगर तस्वारिया में नंदघर तैयार है। कांदा-१, काणोली, आटूण, फागोका खेड़ा, हुकुमपुरा, अमरपुरा, रूपाहेली, खारी का लाम्बा, रामपुरा, बराटिया आंगनबाड़ी केन्द्र को नंदघर बनाने का काम चल रहा है। एक नंदघर के निर्माण पर २५ से ३५ लाख रुपए व्यय हो रहे है।
यह मिलेंगी सुविधाएं
नंदघर में बच्चों को शिक्षण व खेल सामान, प्री नर्सरी शिक्षा किट, खिलौने, नोट बुक, कॉपी व पेन्सिल आदि सामान मिलेगा। भवन खरखाव व मरम्मत व खेल मैदान का विकास व चारदीवारी का निर्माण कराया जाएगा। पोषाहार की गुणवत्ता बढ़ाने के लिए भामाशाह खाद्य सामग्री भी उपलब्ध करा सकेंगे। नंदघर योजना में चयन होने बाद इन केन्द्रों पर बिजली कनेक्शन, दरी पट्टी व खाद्य सामग्री मुहैया कराई जाएगी।
ई-लर्निंग की सुविधा रहेगी
नंदघर में महिलाओं व बच्चों को तकनीक से जोडऩे की व्यवस्था होगी। एक एलईडी स्क्रीन, आडियो-विजुअल युक्त नंदघर होंगे। प्ले स्कूल की भी व्यवस्था है। बच्चों के लिए ई-लर्निंग होगी। वाटर प्यूरीफ ायर की व्यवस्था रहेगी। गार्डन की व्यवस्था भी की जा रही है, जहां जैविक सब्जी उगाई जाएगी।
जिले में १५ नंदघर तैयार
नंदघर योजना के तहत वेदांता समूह राजस्थान में करीब एक हजार नंदघर बनाए जा रहे है। इसके तहत भीलवाड़ा जिले में २५ का लक्ष्य दिया गया है। इनमें से १५ तैयार हो गए है शेष १० में काम चल रहा है। नंदघर में बच्चों के ककहरा सिखाएंगे।
सुमेरसिंह, उप निदेशक महिला एवं बाल विकास विभाग





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