अलवर. राजस्थान पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पुलिस ने लापरवाही तब की है जब आमजन ने उसे सूचना दे दी। पुलिस सीएलजी और आमजन के साथ बैठकों में संदिग्ध गतिविधियां होने पर सूचना देने की सलाह देती है। लेकिन जब ऐसी सूचनाएं आती हैं तो उसे नजरअंदाज किया जाता है। सोमवार को राष्ष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 8 पर हैरान कर देने वाली घटना हुई। राष्ट्रीय राजमार्ग संख्या 8 पर संदेहास्पद ढंग से बाइक सवार दो युवक एक युवती का शव कोटपुतली से बहरोड़ तक लेकर आ गए। इस मामले की सूचना पुलिस को दी गई तो उन्होंने ना तो पूछताछ की और ना ही कोई कार्रवाई की।
जयपुर निवासी युवती रवीना ने बताया कि जयपुर से दिल्ली जाते वक्त एक बाइक पर दो लोग बीच में युवती का मुंह ढक कर ले जाते हुए दिखे। युवती के पैर में चप्पल नहीं थी। उन्हें लगा कि अपहरण का मामला है। उन्होंने इसकी सूचना तत्काल हाइवे पर खड़ी कोटपुतली पुलिस को दी, लेकिन पुलिसकर्मियों ने कहा-यहां तो ऐसा ही चलता रहता है। जब पुलिसकर्मियों ने रवीना की नहीं सुनी तो वो उसने स्वयं कार से बाइक सवार का पीछा किया। रवीना ने बहरोड़ में गांव जैनपुरबास एवं पहाड़ी के बीच स्कूल के सामने बाइक को रोक लिया, और पुलिस को सूचित किया। लेकिन पुलिस के पहुंचने से पहले ही युवक यह कहते हुए चले गए कि हमारे परिवार की है और बेहोश है, इसका इलाज कराने जा रहे हैं।
पुलिस की साफ लापरवाही
इस पूरे मामले में पुलिस की लापरवाही उजागर हुई है। जब तक हाइवे पुलिस मौके पर पहुंची तो युवक वहां से जा चुके थे। जब बबेड़ी निवासी याकूब से बात की तो पता चला कि उक्त लोग यूपी के निवासी हैं। उनके परिवार में एक युवती को इलाज के लिए कोटपुतली लेकर गए थे, जहां उसकी मौत हो गई। युवक बाइक पर जिस युवती को ला रहे थे संभवत: वह मृत थी। इसके बाद पुलिस और ग्रामीणों के होश उड़ गए। पुलिस फिर भी लापरवाही करते हुए मामला बानसूर थाना क्षेत्र का बताते हुए बिना कार्रवाई करते हुए लौट आई और बानसूर पुलिस को सूचना तक नहीं दी गई।
संदिग्ध परिस्थितियों में यह आशंका भी
पुलिस ने इस मामले मे कार्रवाई करना तो दूर पर जानकारी करना भी उचित नहीं समझा कि युवती की मौत हो गई है या युवती बेहोश है। पुख्ता सबूत किसी के पास नहीं है कि युवती उन युवकों को परिवार से थी। केवल युवकों की बात पर विश्वास कर लिया गया कि युवती मृत है। पुलिस ने मामले जरा भी पड़ताल नहीं की।





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