समय सुबह 7.30 बजे - पाली शहर का रामनगर स्थित बूथ
इस बूथ पर सुबह साढ़े सात बजे बाहर इक्का-दुक्का लोग ही नजर आए। इनमें से कुछ पार्टियों के समर्थक थे। जो आपस में बितयाते दिखे। बूथ के अन्दर प्रवेश करने पर भाग संख्या 197 पर मतदाताओं की लम्बी कतार लगी थी। यहां महिलाओं व पुरुषों की कतार में कोई खास अंतर नहीं था। बूथ पर बुजुर्गों के लिए अलग से कतार लगी थी। उनको मत देने के लिए भी अन्य लोगों से पहले भेजा गया। यहां मतदाताओं को करीब एक घंटे तक कतार में खड़े रहना पड़ा।
समय सुबह 8.40 बजे - ढंढ नाडी स्कूल
रामदेव रोड पुलिस चौकी के पास पार्टी के कार्यकर्ता टेबल लगाकर बैठे थे, लेकिन वहां सन्नाटा पसरा था। इससे कुछ दूरी पर स्थित ढंढ नाडी स्कूल के बूथ में प्रवेश करने पर चुनावी माहौल नहीं दिखा, लेकिन भीतर काफी लम्बी महिलाओं व पुरुषों की कतार लगी थी। बीएलओ मतदाताओं को उनकी भाग संख्या बता रहे थे। यहां लोगों में मतदान को लेकर खासा उत्साह देखा गया।
समय सुबह 9 बजे - नाडी मोहल्ला स्कूल
नाडी मोहल्ला स्कूल के बाहर वाहनों की कतार लगी थी। बूथ में प्रवेश में करने पर तीन जगह पर मतदान होता नजर आया। बूथ में एक तरफ आंगनबाड़ी कार्यकर्ता और अन्य कार्मिक बैठे थे। एक बूथ पर लम्बी कतार लगी थी, लेकिन छाया की कोई व्यवस्था नहीं थी। इस कारण मतदाता पेड़ों की छांव में ही कतार लगाकर खड़े थे। यहां पुरुषों व महिलाओं की कतार लगातार लम्बी हो रही थी। इसके पास ही दूसरे कक्ष के बाहर कतार तो थी, लेकिन दस-पन्द्रह जनों की। जबकि तीसरे कक्ष के बाहर 25 से 30 लोग कतार लगाकर खड़े थे।
समय सुबह 10 बजे- बालिया स्कूल
इस मतदान बूथ पर सुबह से ही बहुत कम लोग मतदान करने पहुंचे। यहां सुबह दस बजे भी कार्मिक मतदाताओं का इंतजार करते रहे। इक्का-दुक्का आने वाले मतदाताओं को मतदान करने में चंद मिनटों का ही समय लगा। ऐसा ही हाल धानमंडी स्थित स्कूल के मतदान केन्द्र पर भी रहा। वहां भी बहुत कम मतदाता सुबह-सुबह मतदान करने पहुंचे।
समय सुबह 8.25 बजे - सिंधी कॉलोनी स्थित बूथ
झूलेलाल मंदिर के पास स्थित स्कूल में बने बूथ पर 8.25 बजे पहुंचने पर वहां चुनाव का कोई माहौल नहीं था। एक कर्मचारी बाहर वोटर लिस्ट लेकर बैठा था। अन्दर से एक बुजुर्ग को व्यक्ति व्हील चेयर पर बैठाकर बाहर ला रहा था। इतने में एक युवती भी मतदान करने पहुंची। बूथ पर इक्का-दुक्का लोग ही पहुंच रहे थे। इस बूथ के पीछे की तरफ दो पार्टियों के दो-दो कार्यकर्ता टेबल लगाकर बैठे थे, लेकिन उनके पास एक भी मतदाता खड़ा नहीं था।





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