सवाईमाधोपुर. राजस्थान राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर के निर्देशानुसार शनिवार को पैनल अधिवक्ताओं का दो दिवसीय प्रशिक्षण कार्यक्रम का आगाज न्यायाधीश विशिष्ट न्यायालय बालकृष्ण मिश्र ने मां सरस्वती के समक्ष दीप प्रज्ज्वलित कर किया।न्यायाधीश ने उपस्थित पैनल अधिवक्ताओं को संवैधानिक परिप्रेक्ष्य, विधिक सेवा प्राधिकरण अधिनियम 1987, कानूनी सेवाओं में अधिवक्ताओं की भूमिका और जिम्मेदारियां, पक्षकारों के साथ परामर्श करना, भूमिका और चर्चा, विधिक सेवा योजनाओं की अधिकाधिक जानकारी आमजन को प्रदान करने, नालसा एवं रालसा की विभिन्न जनकल्याणकारी योजनाओं की विस्तृत जानकारी प्रदान की।इस अवसर पर अपर जिला एवं सेशन न्यायाधीश मनोज कुमार गोयल ने उपस्थित पैनल अधिवक्तागण को आपराधिक कानून की बुनियादी जानकारी का परिचय, एक गिरफ्तार व्यक्ति के अधिकार, जमानत, प्ली बार्गेनिंग की विस्तृत रूप से जानकारी प्रदान की। इस दौरान प्राधिकरण सचिव श्वेता शर्मा एवं अधिवक्ता मौजूद थे।
पैरालीगल वालंटियर्स ने किया घर-घर सम्पर्क
राज्य विधिक सेवा प्राधिकरण जयपुर एवं जिला विधिक सेवा प्राधिकरण सवाई माधोपुर के संयुक्त तत्वाधान में विधिक सेवा समिति खंडार अध्यक्ष व सिविल न्यायाधीश व न्यायिक मजिस्ट्रेट तापस सोनी के निर्देशन में पैरा लीगल वालंटियर्स ने तालुका खंडार के न्याय क्षेत्र में आने वाली ग्राम पंचायतों के घर-घर जाकर नि:शुल्क व अनिवार्य शिक्षा अधिनियम 2009 के तहत ड्राप आउट बच्चों की जानकारी ली। पैरालीगल वालंटियर आलोक कुमार नाथ ने बताया कि शिक्षा का अधिकार अधिनियम 2009 के प्रावधान के अनुसार 6 वर्ष से 14 वर्ष तक की आयु के बच्चों को निशुल्क एवं अनिवार्य शिक्षा के साथ निशुल्क प्रवेश उपस्थिति एवं न्यूनतम प्रारंभिक शिक्षा अनिवार्य रूप से मिले। इसके लिए ग्रामीण क्षेत्रों में ड्रॉपआउट स्कूली बच्चों के संबंध में ब्रिंग ड्रॉप आउट बैक टू स्कूल विशेष अभियान आयोजित करने एवं 6 से 14 वर्ष के प्रत्येक बच्चों को मुफ्त एवं अनिवार्य शिक्षा का अधिकार के तहत शिक्षा के महत्व को बढ़ावा देने तथा कक्षा बारहवीं तक के किसी न किसी कारण से विद्यालय छोडऩे वाले ड्राप आउट बच्चों को चिह्नित करने के लिए 14 से 20 अप्रैल तक विशेष अभियान चलेगा।





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