प्रमोद भटनागर
राजसमंद/लसानी. कस्बे के आखरिया चौक स्थित श्री बालाजी मंदिर परिसर में हनुमानजी जन्मोत्सव पर बालाजी सेवा संस्थान द्वारा आयोजित प्रथम सामूहिक विवाह समारोह में शुक्रवार को पांच जोड़ों ने वैदिक मंत्रोच्चारण के बीच एक दूजे का हाथ थामा।
कार्यक्रम के तहत प्रात: 6 बजे बारात स्वागत किया गया। 9 बजे हनुमानजी की विशाल शोभायात्रा बैण्डबाजों, डीजे व ढोल-नगाड़ों की थाप के साथा रवाना हुई। सबसे आगे अश्व पर बालाजी महाराज की ध्वजा, पीछे पांच घोड़ों पर दूल्हे सवार थे। युवा डीजे पर भक्ति की धुनों पर थिरकते हुए चल रहे थे। इसके बाद दो रथों में दुल्हनें सवार थी। शोभायात्रा ब्रह्मपुरी, सदर बाजार, जीनगर मोहल्ला, रेगर मोहल्ल, टांक गली, रावला चौक, मुख्य चौराहा, अस्पताल रोड, खटीक मोहल्ला होते हुए कार्यक्रम स्थल पहुंची। शोभायात्रा का जगह जगह ग्रामीणों ने पुष्प वर्षा करके स्वागत किया। दोपहर के समय शुभ मुहूर्त में बालाजी मंदिर परिसर में पं. त्रिभुवन पांडिया व पं. पवन व्यास, जगदीश प्रसाद व्यास, ललित जोशी, नारायण जोशी, अमित जोशी के सानिध्य में वैदिक मंत्रोच्चारण के साथ भारतीय विवाह पद्धति के अनुसार पाणिग्रहण संस्कार के साथ वर- वधु ने अग्नि को साक्षी मानकर एक-दूजे का हाथ थामा।
समारोह में वर-वधु को बालाजी सेवा संस्थान द्वारा बेटी बचाओ बेटी पढ़ाओ अभियान का संकल्प दिलाया गया। साथ ही शादी की वर्षगांठ पर पौधरोपण करने, देहज न लेने व न ही देने की प्रतिज्ञा दिलाई गई। इसके बाद विदाई की रस्म हुई। समारोह में दिग्विजय सिंह चुण्डावत, चिरंजीवी लाल टांक, गायडसिंह चुण्डावत, महेंद्रसिंह, तिलोक रेगर, प्यारेलाल खटीक, अमरसिंह चुण्डावत, मांगीलाल सुथार, तिलोक प्रजापत, भंवरनाथ, गोपी गुर्जर, जगदीश कुमार, शंकरलाल दक, नारायण सिंह राठौड़ मौजूद थे।





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