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बलात्कार के आरोपी को गिरफ्तार करने की बजाय पीडि़ता के साथ मौका देखने ले गई पुलिस

सीकर/चूरू.

नाबालिग से बलात्कार के आरोपी की सडक़ हादसे में मौत के मामले में हमीरवास पुलिस की बड़ी लापरवाही सामने आई है। पोक्सो एक्ट में मामला दर्ज होने के बाद भी पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार नहीं किया। जबकि आरोपी पुलिस के पास पहले से था। इतना हीं नहीं एएसआइ स्तर के अधिकारी के साथ बलात्कार का मौका देखने पीडि़ता के परिवार के साथ आरोपी को भी भेज दिया। जबकि पोक्सो एक्ट के मामले की जांच थानाधिकारी से नीचे का अधिकारी नहीं करता। हिरासत में मौत के इस मामले में शुक्रवार दोपहर बाद पोस्टमार्टम के बाद आरोपी का शव परिजनों को सौंप दिया गया है। मामले में पुलिस की लापरवाही पर बीकानेर रेंज के आईजी बी.एल.मीणा के निर्देश पर एसपी राजेन्द्र कुमार ने हमीरवास थानाधिकारी कृष्ण कुमार, एएसआइ रामनारायण और सिपाही विक्रम व महिला कांस्टेबल मीरा को निलंबित कर दिया है। वहीं मामले की जांच भादरा के एएसपी को सौंपी गई है।


बालिका के बलात्कार के बयान के बाद भी नहीं चेती पुलिस
हमीरवास थाना इलाके के इस मामले में आरोपी अनिल पीडि़ता को स्कूल से ले गया था। बालिका के घर नहीं आने पर परिजनों ने 26 मार्च को थाने में बालिका के अपहरण का मामला दर्ज करवाया। परिजनों के सहयोग से दूसरे ही दिन पुलिस आरोपी और बालिका को थाने ले आई। थाने में बयानों के दौरान बालिका ने कहा कि उसके साथ बलात्कार किया गया है। इस पर पुलिस ने पीडि़ता का मेडिकल मुआयना करवा दिया साथ ही न्यायालय में 164 के बयानों के लिए आवेदन कर दिया। ऐसे में मामला पोक्सो एक्ट में दर्ज हो गया। नियमानुसार अब मामले की जांच थानाधिकारी कृष्ण कुमार को करनी थी। लेकिन उन्होंने गंभीरता नहीं बरती।


बिना गिरफ्तारी पीडि़ता के साथ मौके पर ले जाना लापरवाही
इस मामले में पुलिस की सबसे बड़ी लापरवाही यह रहीं कि पुलिस के एएसआई स्तर के अधिकारी के नेतृत्व में आरोपी, पीडि़ता और पीडि़ता के परिवार के लोगों को निजी गाड़ी में मौका देखने के लिए साथ ले जाया गया। पीडि़ता ने पहले तो मौका सालासर क्षेत्र का बताया। बाद में रामगढ़ शेखावाटी क्षेत्र में एक स्थान पर पहुंचे। वहां पर मौका देखने के लिए पुलिस, पीडि़त छात्रा और उसके परिवार के लोग कच्चे रास्ते से सडक़ किनारे खड़ी गाड़ी में बैठने के लिए आ रहे थे। ऐसे में सवाल यह है कि पुलिस ने बलात्कार की बात सामने आने के बाद भी आरोपी को गिरफ्तार क्यों किया। पुलिस न्यायालय में बयानों का इंतजार कर रही थी तो बिना गिरफ्तारी आरोपी को मौके पर क्यों ले जाया गया।


वह कूदा या चपेट में आया
इस मामले में अभी तक यह गुत्थी नहीं सुलझ पाई है कि आरोपी राउताल निवासी अनिल पैदल चलते हुए पिकअप जीप की चपेट में आया या उसने गाड़ी के सामने कूदकर जान दी है। इस मामले की जांच की जा रही है। लेकिन यह तय है कि अनिल के दूसरी गाड़ी के सामने कूदने पर साथ गए एएसआई व पुलिसकर्मियों के हाथ-पांव फूल गए और वे उसे नजदीकी अस्पताल ले जाने की बजाय सीधे चूरू ले गए, जहां पर चिकित्सकों ने उसे मृत घोषित कर दिया। हादसा सीकर क्षेत्र में हुआ ऐसे में मामले की न्यायिक जांच सीकर जिले के अधिकारी की ओर से की जाएगी।



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