- चित्तौडग़ढ़ संसदीय क्षेत्र की चुनाव अधिसूचना के साथ शुरू नामांकन प्रक्रिया
चित्तौडग़ढ़. देश की सबसे बड़ी जनपंचायत लोकसभा में आगामी पांच वर्ष तक चित्तौडग़ढ़ संसदीय क्षेत्र का प्रतिनिधित्व कौन करेगा ये तय करने के लिए नामांकन प्रक्रिया मंगलवार को चुनाव अधिसूचना जारी होने के साथ शुरू हो गई है। नामांकन पत्र 9 अप्रेल तक भरे जा सकेंगे। प्रतिदिन सुबह 11 से दोपहर 3 बजे के मध्य संसदीय क्षेत्र के रिटर्निंग अधिकारी के समक्ष नामांकन पत्र पेश किए जा सकेंगे। प्रशासन ने सोमवार को नामांकन प्रक्रिया से जुड़ी तैयारियों को अंतिम रूप दिया।विधिवत नामांकन पत्र भरने की प्रक्रिया शुरू होने से पहले ही प्रशासनिक स्तर पर रविवार को रिटर्निंग ऑफिसर कार्यालय में नामांकन पत्र भरने की प्रक्रिया एवं औपचारिकताओं के बारे में पूर्वाभ्यास कर लिया गया था। निर्वाचन आयोग ने सामान्य, व्यय एवं पुलिस पर्यवेक्षक भी नियुक्त कर दिए है। नामांकन पत्रों की जांच १० अप्रेल को होगी एवं नाम 12अप्रेल तक वापस लिए जा सकेंगे। मतदान 29 अप्रेल को सुबह 7 से शाम 6 बजे तक संसदीय क्षेत्र के 2 हजार 327 मतदान केन्द्रों पर होगा। मतों की गिनती 23 मई को सुबह 8 बजे से मतगणना स्थल मेजर नटवरसिंह राजकीय उच्च माध्यमिक विद्यालय में होगी।
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इडवा व जोशी में होगी टक्कर
लोकसभा चुनाव के लिए चित्तौडग़ढ़ से भाजपा ने फिर वर्तमान सांसद सीपी जोशी को ही अवसर दिया है तो कांग्रेस ने उनके सामने राजसमन्द के पूर्व सांसद गोपालसिंह ईडवा को प्रत्याशी बनाया है। मुख्य टक्कर इन दोनों में ही होने के आसार है। जोशी के ६ अप्रेल एवं ईडवा के ८ अप्रेल को नामांकन पत्र भरने की संभावना है।
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अवकाश पर भी भरे जाएंगे नामांकन
नामांकन पत्र रविवार को छोड़ 9 अप्रेल तक अवकाश के दिनों में भी भरे जाएंगे। इनमें 3 अप्रेल को रंगतेरस पर्व पर चित्तौडग़ढ़ जिला कलक्टर की ओर से घोषित स्थानीय अवकाश व 6 अप्रेल को चेटीचण्ड का अवकाश भी शामिल है। इन दोनों दिन सामान्य कार्यदिवस की तरह नामांकन पत्र स्वीकार किए जाएंगे।
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इस बार वोटर स्लिप दिखा नहीं डाल पाएंगे वोट
भारत निर्वाचन आयोग ने 28 फरवरी को आदेश जारी कर स्पष्ट किया है कि अब चुनाव में मतदाता फोटो पहचान कार्ड या अन्य मान्य 11 दस्तावेज में से से कोई एक भी दिखाएं बिना केवल बूथ लेवल अधिकारी (बीएलओ) के माध्यम से जारी होने वाली फोटो वोटर स्लिप से मतदान नहीं किया जा सकेगा। अब तक चुनव आयोग ने इस फोटो वोटर स्लिप को पहचान दस्तावेज के रूप में मान्यता दे रखी थी। निर्वाचन आयोग के अनुसार विधानसभा चुनाव में चित्तौडग़ढ़ जिले में 93.49 प्रतिशत मतदाताओं ने पहचान दस्तावेज के रूप में फोटो वोटर स्लिप का उपयोग किया।
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चित्तौड़ संसदीय क्षेत्र का वोटर गणित
चित्तौड़ संसदीय क्षेत्र में चित्तौडग़ढ़ जिले के पांचों विधानसभा क्षेत्र चित्तौडग़ढ़, निम्बाहेड़ा, बड़ीसादड़ी, कपासन व बेगूं के साथ प्रतापगढ़ जिले की प्रतापगढ़ व उदयपुर जिले की मावली व वल्लभनगर विधानसभा सीट के 20 लाख एक हजार 156 मतदाता शामिल है। इनमें सर्वाधिक 2 लाख 60 हजार 355 मतदाता बेगूं क्षेत्र में तो सबसे कम 2 लाख 36 हजार 914 मावली संसदीय क्षेत्र में है।
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1998 में हुआ 32 प्रतिशत अधिक मतदान
चित्तौडग़ढ़ संसदीय क्षेत्र में 1952 के पहले चुनाव के बाद 1967 तक निरन्तर मत प्रतिशत बढ़ते गए। पहली बार 1971 में करीब चार प्रतिशत की गिरावट हुई लेकिन फिर उसके बाद 1977 के चुनाव में सात प्रतिशत से अधिक मतदान प्रतिशत बढ़ा। मतदान प्रतिशत में सर्वाधिक बढ़ोतरी वर्ष 1998 के लोकसभा चुनाव में हुई जब चित्तौडग़ढ़ संसदीय क्षेत्र में दो वर्ष पहले 1996 के लोकसभा चुनाव के 37.95 प्रतिशत की तुलना में करीब 32 प्रतिशत अधिक मतदाताओं यानि69.57 प्रतिशत ने मताधिकार का उपयोग किया जो अब तक का सर्वाधिक मत प्रतिशत है।
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लोकसभा चुनाव: चित्तौडग़ढ़ संसदीय क्षेत्र
नामांकन कब से-02 अप्रेल 2019
नामांकन की अंतिम तिथि-09 अप्रेल 2019
नामांकन पत्रों की जांच-10 अप्रेल 2019
नामांकन पत्र वापसी- 12 अप्रेल 2019 तक
मतदान-29 अप्रेल 2019
मतगणना- 23 मई 2019





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