नई दिल्ली। प्रधानमंंत्री नरेंद्र मोदी ने शुक्रवार को उत्तर प्रदेश की वाराणसी लोकसभा सीट से अपना नामांकन दाखिल कर दिया है। इस दौरान भारतीय जनता पार्टी समेत एनडीए के तमाम दिग्गज नेता वाराणसी में प्रधानमंत्री के साथ रहे। यूं तो प्रधानमंत्री के नामांकन के दौरान उमड़ी भीड़ ने लोगों का ध्यान खींचा, लेकिन आकर्षण का केंद्र मोदी का वहां मौजूद एक नेता के पैर छूना रहा। दरअसल, पीएम मोदी ने नामांकन से पहले पंजाब के धुरंधर नेता और पूर्व मुख्यमंत्री प्रकाश सिंह बादल के पैर छूकर उनका आशीर्वाद लिया। पीएम मोदी को ऐसा करते हुए पार्टी के दिग्गज नेताओं समेत कार्यकर्ताओं तक की नजरें उन पर टिकी रहीं। दरअसल, ऐसा पहली बार नहीं है कि प्रधानमंत्री मोदी ने सार्वजनिक रूप से किसी के पैर छुए हुए हों।
चुनावी विश्लेशकों के अनुसार इन सबके पीछे पीएम मोदी का इमोशनल कार्ड है। राजनीति में अचूक माने जाने वाले इस कार्ड के माध्यम से प्रधानमंत्री एक अच्छा-खासा वोट बैंक अपने पक्ष में करना चाहते हैं।
आइए जानते हैं कौन हैं मोदी के इमोशनल कार्ड का हिस्सा—
सिख समुदाय पर नजर
यूं तो प्रधानमंत्री शिरोमणी अकाली दल के वयोवृद्ध नेता प्रकाश सिंह बादल का पहले से काफी सम्मान करते हैं, लेकिन सार्वजनिक रूप से उनके प्रति आदर दिखाने के पीछे एक बड़ी वजह हो सकती है। राजनीतिक जानकारों के मुताबिक ऐसा कर प्रधानमंत्री मोदी सिख समुदाय को आकर्षित करने का प्रयास कर सकते हैं। जैसे कि पंजाब में कैप्टन अमरिंदर सिंह वाली कांग्रेस की सरकार है तो भाजपा वहां सत्ता में आने के लिए कोई कोर कसर शेष नहीं छोड़ना चाहती है। ऐसे में पंजाबी समुदाय को अपने पक्ष में करने का यह एक बेहतर तरीका हो सकता है।
आधी आबादी पर फोकस—
नामांकन दाखिल करने से पहले प्रधानमंत्री ने वयोवृद्ध नेता प्रकाश सिंह बादल के ही नहीं, बल्कि महिला प्रस्तावक बुजुर्ग महिला अन्नपूर्णा शुक्ला के पैर छूकर भी आशीर्वाद लिया। इसके साथ ही उन्होंने महिलाओं से अधिकाधिक संख्या में मतदान करने की अपील भी की। राजनीतिक जानकारों की मानें तो देश में महिलाओं की आधी आबादी है। ऐसे में महिलाओं को प्रति सम्मान जाहिर कर मोदी ने उनकों भावनात्मक संदेश देने का प्रयास किया है।
सफाई कर्मचारियों को तवज्जों
यही नहीं इससे पहले पीएम नरेंद्र मोदी ने कुंभ मेले के दौरान प्रयागराज में सफाई कर्मचारियों के भी प्रति सम्मान जताया था। प्रधानमंत्री ने न केवल उनके पैर धुले थे, बल्कि उनको शॉल दुपट्टा पहना कर उनका सम्मानित भी किया था। अब चूंकि देश में चौकीदारों की एक अच्छी खासी संख्या है तो चुनाव में उनकी महती भूमिका हो सकती है। इसके साथ ही चौकीदारों के सम्मान से दलित राजनीति भी भाजपा के पक्ष में आ सकती है।
सैनिकों की शौर्य गाथा
देखने में आया है कि पुलवामा हमला और फिर पाकिस्तान एयर स्ट्राइक के बाद से प्रधानमंत्री सैनिकों को लेकर अधिक प्रोएक्टिव हो गए हैं। भारतीय जवानों के माध्यम से नरेंद्र मोदी पाकिस्तान को सबक सिखाने की बात करने से नहीं चूक रहे है। यहां तक कि उन्होंने खुले मंच से पहली बार वोट करने वाले वोटर्स से वोट के रूप में पुलवामा हमले में शहीद हुए जवानों को श्रद्धांजलि देने तक की अपील कर डाली। चुनावी विश्लेषकों के अनुसार इसके दो फायदें भाजपा को मिल सकते हैं। पहला तो देश में सैनिको की संख्या अच्छी खासी है और वो मतदान प्रक्रिया में बढ़ चढ़कर भाग लेते हैं, दूसरा जवानों की शहादत और सेना के शौर्य के नाम पर वोटर्स भाजपा के लिए वोट कर सकते हैं।
पीएम का बॉलीवुड कनेक्शन
हाल ही में देखने में आया है कि बॉलीवुड के कई सितारों ने भाजपा का दामन थामा है। इसके साथ ही पीएम मोदी की बॉलीवुड के लोगों से दोस्ती छिपी नहीं है। फिर चाहे मशहूर अभिनेता अक्षय कुमार के साथ इंटरव्यू हो या फिर किंग खान से वोटर्स के लिए मतदान की अपील कराना। पीएम मोदी के बॉलीवुड कनेक्शन को जोड़ता है। अब चूंकि बॉलीवुड के सितारों की फैन फॉलोइंग अच्छी खासी होती है और अभिनेताओं की अपील पर वह वोट में भी कनर्वट होता देखा गया है। इसके अलावा बॉलीवुड का खुद भी अच्छा खासा एक वोट बैंक है। ऐसे में चुनाव में भाजपा को इसका बड़ा फायदा मिल सकता है।





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