-ग्राम पंचायत ७२ जीबी की एएनएम, आशा सहयोगिन व ग्रामीणों के बीच विवाद का मामला
ग्राम पंचायत ७२ जीबी की एएनएम का स्थानांतरण करने की मांग को लेकर हुए हंगामे के बाद स्वास्थ्य विभाग ने एएनएम जसविंद्र कौर को उप स्वास्थ्य केंद्र से हटा दिया है। वहीं ग्रामीणों ने सोमवार को उपखंड अधिकारी से मिलकर उक्त एएनएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की है। जानकारी के अनुसार गांव ७२ जीबी में कुछ दिन पूर्व ग्रामीणों तथा आशा सहयोगिनियों ने उप स्वास्थ्य केंद्र की एएनएम पर आरोप लगाते हुए स्थानातरण की मांग को लेकर एकत्रित हुए थे। सूचना पर स्वास्थ्य विभाग के अधिकारियों ने मौके पर पहुंच कर लोगों की शिकायतों को सुनकर जांच का आश्वासन दिया था। ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी सुरेंद्र स्वामी ने बताया कि विवाद के चलते कार्य प्रभावित हो रहे थे। इस वजह से एएनएम को ७२ जीबी के उप स्वास्थ्य केंद्र से हटाकर ब्लॉक मुख्य चिकित्सा अधिकारी कार्यालय अनूपगढ़ लगाया गया है। उन्होंने बताया कि ग्राम पंचायत ७२ जीबी में स्वास्थ्य सेवाओं के लिए रामङ्क्षसहपुर से एक एएनएम की व्यवस्था कर दी गई है। ग्रामीण मामले को सोमवार को उपखंड कार्यालय पहुंचे और एएनएम के खिलाफ कार्रवाई की मांग की। ग्रामीणों ने कहा कि स्वास्थ्य विभाग ने एएनएम को वहां से हटा दिया है, अब उसका क्वाटर भी उससे खाली करवाया जाए। उपखंड अधिकारी मनमोहन मीणा ने ग्रामीणों को आश्वासन दिया कि लगाए गए आरोपों की जांच करवा ली जाएगी।
नही मिला राजश्री योजना का लाभ
ग्रामीणों ने उपखंड अधिकारी मनमोहन मीणा को बताया कि कमला पत्नी लेखराम ने ८ अक्टूबर २०१६ को एक कन्या को जन्म दिया था। एएनएम ने कागजों में लडक़ी की जगह लडक़ा होना दिखा दिया। इससे उक्त को राजश्री योजना का लाभ नहीं मिला है। इस मामले में ब्लॉक उप मुख्य स्वास्थ्य अधिकारी सुरेंद्र स्वामी ने बताया कि उक्त आरोप सही पाया गया है लेकिन यह मानवीय भूल हो सकती है। संबंधित को राजश्री योजना का लाभ मिले इसके लिए कार्रवाई शुरू कर दी गई है।





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