उदयपुर। सेमारी थाना पुलिस ने शनिवार सुबह टोकर क्षेत्र के धारेटा गांव में एक और बाल विवाह रुकवाया। 15 वर्ष 8 माह की दुल्हन इस बार पूछताछ पर खफा हो गई और वह शादी की पक्षधर होकर जिद करने लगी। पुलिस ने परिजनों व दुल्हन को पाबंद करने के बाद बारात को लौटाया। पुलिस की अलसुबह हुई इस कार्रवाई से खाना नहीं बन पाया और सभी बाराती भूखे ही लौटने का मजबूर हुए।
चाइल्ड लाइन के कार्यकर्ताओं ने सुबह सेमारी थाने में धारेटा गांव में बाल विवाह होने की सूचना दी। इस पर थानाधिकारी मुकेश कुमार मय जाप्ते मौके पर पहुंचे, जहां पर आदिवासी परिवार में एक लड़की का विवाह था।
बारात करीब के ओड़ा गांव से आई थी। पुलिस ने बालिका के दस्तावेज की जांच की तो वह 15 साल 8 माह की निकली। पूछताछ में वह शादी के पक्षधर थी। पुलिस ने प्रशासनिक अधिकारियों को सूचना दी। गिरदावर के मौके पर पहुंचने पर पुलिस ने परिजनों को पाबंद कर बारात को बेरंग लौटाया।
गौरतलब है कि तीन दिन पूर्व भी सेमारी थाना पुलिस ने मेडी की ढाणी गांव में 9 वर्षीय बच्ची का विवाह रुकवाया था। आटा-साटा के तहत यह विवाह होने जा रहा था। दुल्हन के घर पर सिंहपुर गांव से 12 वर्षीय बालिका वधू फेरे लेकर ससुराल आ गई थी। पुलिस ने बालिका वधू को परिजनों के साथ उसके गांव रवाना किया तथा बालिग होने पर ही गौना करने के लिए पाबंद किया।





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