जालोर. केन्द्रीय व्यय पर्यवेक्षक वीके.सिन्हा ने कहा कि चुनाव के दौरान निर्वाचन व्यय मॉनिटरिंग के लिए नियुक्त अधिकारी-कर्मचारी आपसी समन्वय व टीम भावना के साथ कार्यों को अंजाम दें। निर्वाचन विभाग के निर्देशों की पालना सुनिश्चित करने की बात भी कही।
बैठक में केन्द्रीय व्यय पर्यवेक्षक ने कहा कि निर्वाचन व्यय अनुवीक्षण संबंधित अभिलेखों के संधारण, विभिन्न प्रपत्रों में सूचनाओं का समयबद्ध सम्प्रेषण कर चुनाव कार्यों को मुस्तैदी से अंजाम दिया जाएं। जिला निर्वाचन अधिकारी महेन्द्र सोनी ने कहा कि निर्वाचन व्यय रजिस्टर के संधारण सहित चुनाव लडऩे वाले अभ्यर्थी को 10 हजार से अधिक का भुगतान चैक से करना होगा। बैंकों को पैनी नजर रखते हुए अभ्यर्थी के खाते में संदेहास्पद व्यवहार या लेन-देन पर निगरानी रखते हुए उसकी सूचना निर्वाचन कार्यालय को देनी होगी। किसी भी व्यक्ति के पास संदेहास्पद 50 हजार रुपए से अधिक की नकद राशि लाने-ले जाने पर निगरानी दल की ओर से जब्ती की जाएगी। मतदाताओं को लुभाने वाले अन्य प्रलोभनों को रोकने के लिए निगरानी दलों को प्रभावी तरीके से कार्य करना होगा। धार्मिक स्थलों पर राजनीतिक दलों या अभ्यर्थी की ओर से प्रचार सभा का आयोजन न हो इसलिए उडऩदस्ता व निगरानी दलों को सचेत रहना होगा। लोकसभा क्षेत्र में राजनीतिक दल या अभ्यर्थी की ओर से रैली व अन्य अनुमतियों के लिए सुविधा पोर्टल पर ऑनलाइन आवेदन की व्यवस्था की गई हैं। पुलिस अधीक्षक केसरसिंह शेखावत ने कहा कि एसएसटी, वीएसटी, फ्लांइग स्क्वायड, पुलिस व सम्बंधित क्षेत्र के एसएचओ समन्वय के साथ स्वतंत्र, निष्पक्ष व भयमुक्त चुनाव प्रक्रिया को अंजाम दें। उन्होंने तस्करी रोकने के लिए विशेष कार्ययोजना के साथ कार्य करने की बात कही। व्यय अनुवीक्षण समिति के नोडल अधिकारी लक्ष्मीनारायण दवे ने निर्वाचन व्यय से सम्बंधित वैधानिक प्रावधान, भ्रष्ट आचरण, आइपीसी एक्ट की विभिन्न धाराओं व प्रावधानों के बारे में जानकारी देते हुए कहा कि निगरानी दल निर्वाचन आयोग जारी निर्देशानुसार आवश्यक कार्रवाई करें। अतिरिक्त पुलिस अधीक्षक सत्येन्द्रपाल सिंह, लेखाधिकारी हरीसिंह, जिला आयकर अधिकारी एसपी.शर्मा, सिरोही के व्यय नोडल अधिकारी कुलदीप देवल, मार्गदर्शी बैंक अधिकारी आरके.भंवरावत सहित अन्य अधिकारी उपस्थित थे।





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