सीकर.
तीन दिन पहले चूरू में पकड़े गए सुभाष बानूड़ा व उसके साथी ने पुलिस पूछताछ में चौंकाने वाले खुलासे किए हैं। सीकर में धोद रोड पर एक वर्ष पहले पकड़ी गई कारबाइन और हथियारों का जखीरा अपराधी रहे बलबीर बानूड़ा के बेटे सुभाष के लिए आया था। पुलिस की पूछताछ में सुभाष ने यह बात स्वीकार की है। हथियारों का जखीरा लाने वाले का नाम उसने मनोज बताया है। सुभाष बानूड़ा ने पुलिस को बताया है कि जेल में बंद सुभाष बराल के कहने पर ही मनोज हथियार लेकर आया था। यह हथियार पुलिस ने जब्त कर लिए। हालांकि अभी तक उसने यह नहीं बताया है कि इन हथियारों का वह कहां पर उपयोग करने वाला था। पुलिस अब मनोज की पहचान करने में जुटी है। साथ ही गिरोह के दूसरे लोगों के बारे में भी पता करवाया जा रहा है। पुलिस अब बलबीर बानूड़ा के हथियारों के बारे में भी सुभाष से पूछताछ कर रही है।
बाइक पर ले कर जा रहे थे हथियारों का जखीरा
सीकर पुलिस ने गत वर्ष 20 मार्च को नरेश व चंद्रभान नाम के दो युवकों को गिरफ्तार कर उनके पास से एक कारबाइन, एक रिवाल्वर, छह आधुनिक पिस्टल और चार सौ कारतूसों का जखीरा बरामद किया था। नरेश और चंद्रभान तडक़े तीन बजे बाइक पर थैले में हथियार भरकर धोद रोड पर सीकर की तरफ आ रहे थे। पुलिस को देखकर बाइक को तेज गति से भगाई और बाद में विपरीत दिशा में घुमाने का प्रयास किया। लेकिन पुलिस ने दोनों को दबोच लिया। पुलिस ने आरोपियों के पास से एक कारबाइन, एक रिवाल्वर, पांच पिस्टल, पिस्टल की सात छोटी व दो बड़ी मैगजीन चार सौ से ज्यादा कारतूस बरामद किए थे।
बीकानेर में अटक गई थी पुलिस की जांच
पुलिस ने गिरफ्तार युवकों से पूछताछ की तो यह तो सामने आया कि यह युवक महज कैरियर थे। मामले की जांच में पुलिस को हथियार बीकानेर से सीकर आने का पता चला। इस पर पुलिस टीम दोनों युवकों को लेकर बीकानेर गई। वहां पर जेपी नाम के युवक की तलाश की गई, जो अभी तक पुलिस को नहीं मिला है। पुलिस इस मामले में सुभाष बराल को गिरफ्तार कर सीकर लाई, लेकिन उससे भी पूछताछ में कुछ नया नहीं उगलवा पाई। पुलिस अब सुभाष बानूड़ा से मामले की कडिय़ां खोलने का प्रयास कर रही है।
सीकर व फतेहपुर में सक्रिय गिरोह ने जमाई चूरू में जड़े
पुलिस की नजर पड़ताल मे सामने आया कि सीकर और फतेहपुर क्षेत्र में सक्रिय अपराधी गिरोह के लोगों ने चूरू जिले में गहरी जड़े जमा रखी है। गिरोह के लोग वहां पर सुरक्षित ठिकानों पर जमे हैं। इसके साथ ही लगातार अपराधिक वारदात को अंजाम दे रहे हैं। चूरू के शक्ति पैलेस होटल के सामने व्यवसायी कमल कुमार पर गत पखवाड़े गोली मारने वाला अपराधी भी सीकर जिले का है। इस मामले के आरोपी राणासर निवासी मनीष को गिरफ्तार किया तो सामने आया कि कमल पर फायर सदर थाना इलाके के फकीरपुरा निवासी कुलदीप बाजिया ने किया था। सीकर और चूरू पुलिस कुलदीप की तलाश में जुटी है।
बिना सिम के मोबाइल से करते हैं बात
शेखावाटी में सक्रिय गैंगवार से जुड़े अपराधी पुलिस की नब्ज समझ चुके हैं। मोबाइल लोकेशन और सीडीआर के आधार पर इन्हें गिरफ्तार करना अब संभव नहीं है। वजह है कि अपराधी अपने पास मोबाइल तो रखते हैं, लेकिन बातचीत के लिए सिम नहीं डालते। एप डाउनलोड कर खाड़ी देशों के नंबर खुद ही बनाते हैं। बाद में डोंगल और वाइफाइ से कनेक्ट कर अपने लोगों के सम्पर्क में रहते हैं। कहीं बातचीत के लिए मोबाइल का उपयोग करना भी पड़ता है कि किसी से मांगकर मोबाइल लेते हैं और कॉल करने के बाद वह जगह छोड़ देते हैं। आनंदपाल गिरोह के अपराधी बलबीर बानुड़ा के बेटे सुभाष बानुड़ा ने पुलिस की पूछताछ में कई राज उगले हैं। पुलिस अब इंटरनेट कॉलिंग से जुड़े उसके साथियों का पता करने में जुटी है। साथ ही उन्हें शरण और मदद करने वालों की भी सीकर और चूरू पुलिस ने सूची तैयार कर ली है। पुलिस जल्द ही इनके खिलाफ कार्रवाई कर सकती है।
सूरत से जुड़े हो सकते हैं गिरोह के तार
हथियारों की बड़ी खैप आने के तार गुजरात के सूरत से जुड़े हो सकते हैं। फायरिंग के मामले के आरोपी नटवर, सीताराम व पवन फरारी के दौरान अधिकतर समय गुजरात के सूरत में रहे। वहां पर पवन के रिश्तेदार भी रहते हैं। सीकर पुलिस को जांच के दौरान गुजरात की बात सामने आई थी। ऐसे में अब माना जा रहा है कि हथियारों की खेप के तार सूरत से जुड़े हो सकते हैं।
सीकर पुलिस करेगी गिरफ्तार
सुभाष बानूड़ा से हथियारों के संबंध में पूछताछ की जा रही है। सीकर पुलिस ने भी इस संबंध में उससे पूछताछ की है। जल्द ही गाड़ी लूट के मामले में भी सुभाष को गिरफ्तार किया जाएगा। -प्रकाश शर्मा, अपर पुलिस अधीक्षक चूरू





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