झुंझुनूं. न्यायालय अपर सेंशन न्यायाधीश संख्या दो ने जानलेवा हमले के मामले में दोष सिद्ध होने पर अलग-अलग धाराओं में पांच जनों को सजा सुनाई है। मामले के अनुसार सात जून 2011 को राकेश सैनी ने मुकुंदगढ़ थाने में रिर्पोट दी कि वह अपने दोस्त अनिल कुमार के साथ मोटरसाइकिल पर सवार होकर नबीपुरा से आ रहे थे। मोटरसाइकिल अनिल चला रहा था। दोपहर के 11-12 बजे वे बिचला स्टैंड चूड़ी चतरपुरा पहुंचे तो उनके सामने एक हरे रंग की जीप लगा दी गई। जीप में सत्यप्रकाश अपने साथ दो-तीन लड़कों को लेकर उतरा और आते ही दोनों के धक्के मारकर मोटरसाइकिल से नीचे गिरा दिया और लाठी-सरियों से मोटरसाइकिल को नुकसान पहुंचाया। उक्त दोनों ने उन्हें जान से मारने की धमकी दी तथा राजकुमार निराणिया के बारे में पूछा और गाड़ी आगे ले गए। इस मामले की रिपोर्ट देने के लिए थाने आ रहा था कि उक्त लोगों ने राजकुमार निराणियां के साथ भी मारपीट कर दी। इसी दिन प्रार्थी नंदलाल पुत्र हरिराम कुमावत ने रिपोर्ट दी कि उसके भाई राजकुमार गाड़ी से चूड़ी अजीतगढ़ से मुकुंदगढ़ मंडी आ रहा था कि दोपहर 12 बजे जाटवाली के पास पहुंचा तो सामने से आ रही वही हरे रंग की जीप उसके भाई के आगे लगा दी। जीप के अंदर प्रभात, सत्यप्रकाश, अंकित, विकास एवं विक्की उर्फ विकास नीचे उतरे और उसके भाई को जीप से नीचे घसीट लिया और सरियों से मारपीट करने लगे। मारपीट में उसके भाई राजकुमार के दोनों हाथ व पैरों में गंभीर चोटें आई। घायलवस्था में उसे 108 एम्बुलेंस से नवलगढ़ भर्ती कराया। उसके भाई के साथ जीप में वासुदेव नाई व उसकी लड़की थी जो मारपीट के समय गाड़ी से उतरकर चले गए। आरोपित गाड़ी के अंदर रखे डेढ़ लाख रुपए, एक चेन भी ले गए। मामले में सभी गवाहों के बयानों और साक्ष्य की बारीकियों से अध्ययन के बाद अपर सेंशन न्यायाधीश संख्या दो प्रमोद कुमार बंसल ने प्रभाकर, सत्यप्रकाश पुत्र हरलाल, अंकित, विकास पुत्र प्रभाकर निवासी चूड़ी चतरपुरा, विक्रम उर्फ विक्की निवासी जेजुसर थाना मुकुंदगढ़ के खिलाफ दोषसिद्ध होने पर प्रत्येक को धारा 148 में एक वर्ष का कठोर कारावास, पांच हजार रुपए अर्थदंड, अर्थदंड नहीं चुकाने की स्थिति में एक माह का कठोर कारावास की सजा सुनाई। धारा 323 में छह माह का कारावास, धारा 341 में एक माह का कठोर कारावास, धारा 427 में एक वर्ष का कठोर कारावास, धारा 325 में तीन वर्ष का कठोर कारावास और 25 हजार रुपए अर्थदंड तथा अर्थदंड नहीं चुकाने की स्थिति में तीन वर्ष का अतिरिक्त कठोर कारावास, धारा 308 में तीन वर्ष का कठोर कारावास और 25 हजार रुपए अर्थदंड व अर्थदंड जमा नहीं कराने पर तीन वर्ष का कठोर कारावास की सजा प्रत्येक दोषी को सुनाई है। साथ ही जुर्माने की राशि में से एक लाख रुपए बतौर क्षतिपूर्ति आहत राजकुमार को लौटाने के आदेश दिए हैं। दोषियों की सभी सजाएं एक साथ चलेंगी।





No comments:
Post a Comment