चित्तौडग़ढ़.
जौहर स्मृति संस्थान की ओर से वार्षिक जौहर श्रद्धांजलि समारोह का आयोजन रविवार को चित्तौडग़ढ़ में किया जा रहा है। सुबह शहर से दुर्ग तक शोभायात्रा शुरू हुई जो दोपहर में दुर्ग पहुंची। इसके माध्मय से मेवाड़ के गौरवमय इतिहास व संस्कृति की झलक पेश की गई। शोभायात्रा में इस बार वीरांगनाओं को श्रद्धांजलि देने के साथ पुलवामा के शहीदों को श्रद्धांजलि देने वाली झांकी भी शामिल हुई।
शोभायात्रा में मेवाड़ के पूर्व राजपरिवार के सदस्य विश्वराज सिंह सहित क्ष्त्रिय समाज के विभिन्न संगठनों के पदाधिकारी, कई जनप्रतिनिधि भी शामिल हुए। धन्य-धन्य चित्तौड़ की भूमि, क्या-क्या करूं बढ़ाई मैं, हल्दीघाटी में समर लड्यो वो महाराणा प्रताप कठै, मेवाड़ी मान घट्यो कोनी, रण सूं रणधीर हट्यो कोनी आदि गीतों से स्वरलहरियों के बीच शहर का परिवेश वीरतामय हो गया। जौहर मेले की शोभायात्रा ने हर किसी को अपनी ओर आकर्षित कर लिया। शोभायात्रा का जगह-जगह विभिन्न संगठनों की ओर से स्वागत किया। शहर में भीलवाड़ा रोड स्थित राजपूत छात्रावास से निकाली गई शोभायात्रा में लोगों की भीड़ उमड़ी। मेवाड़ की आन-बान और शान की रक्षा के लिए जौहर करने वाली वीरांगनाओं की याद में आयोजित जौहर मेले में कई राज्यों से राजपूत समाज सहित सर्व समाज के लोगों ने हिस्सा लिया। शहर में भी लोगों ने पलक पांवड़े बिछा कर स्वागत किया। जौहर श्रद्धांजलि का मुख्य समारोह दोपहर में फतह प्रकाश महल के निकट प्रांगण मेें हुआ।
सुबह ९ बजे महाराणा भूपाल छात्रावास से शोभायात्रा रवाना हुई।शोभायात्रा में आगे सजे संवरे हाथी, दो दर्जन से अधिक घोड़े तथा ऊंट चल रहे थे। अश्व पर बालक, बालिकाएं सवार थे। ऊंट, हाथी पर भी लोग सवार थे। शोभायात्रा के आगे भगवा परिधान में युवतियां हाथों में तलवार लेकर चल रही थी। पीछे ट्रैक्टरों में भगवान एकलिंगनाथ, महाराणा प्रताप व जौहर की झांकियां सुसज्जित थी।
ढोल की गंूज के साथ कई अश्व करतब दिखाते चल रहे थे। अश्वों ने घुंघरू बांध कर शहर के बाजारों में नृत्य कर लोगों को मोहित कर दिया। आदिवासी क्षेत्र के गांवों से आए कई लोग गैर नृत्य से थाली, मांदल बजा कर मोहित कर रहे थे। इसी बीच महावीर व्यायामशाला के पहलवानों ने हैरत अंगेज करतब भी दिखाए। कभी तलवारें लहराई तो कभी लठ और भाला घूमाया। हाथों के बल चलकर भी दिखाया। इधर, देश भर से आए राजपूत समाज के लोग, अतिथि सहित अन्य लोग, महिलाएं जयकारे लगाते हुए चल रहे थे।शोभायात्रा को देखने तथा स्वागत के लिए पूरे मार्ग पर सड़क के दोनों ओर और छतों पर बड़ी संख्या में लोग मौजूद थे। शोभायात्रा कलक्ट्रेट चौराहा, रोडवेज बस स्टैंड, गोल प्याऊ चौराहा, गांधी चौक, मिठाई बाजार, पाडनपोल, रामपोल होकर दुर्ग स्थित फतह प्रकाश महल प्रांगण में पहुंची। स्वागत के लिए दर्जनों जगह स्वागत द्वार सजाकर, पुष्प वर्षा कर स्वागत किया गया।





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