भीनमाल. ई-धरती कार्यक्रम के तहत भीनमाल तहसील का राजस्व रेकर्ड ऑनलाइन महज कागजों में सिमित है। सरकार की ओर से गत 3 अप्रेल को तहसील का राजस्व रेकर्ड ऑनलाइन के लिए नोटिफिकेशन जारी किया, लेकिन दो सप्ताह गुजरने के बाद काम-काज नहीं हो रहा है। हैरानी की बात तो यह है कि पिछले दो माह से क्षेत्र के किसान राजस्व रेकर्ड संबंधी काम-काज के लिए तहसील कार्र्यालय व हल्का पटवारी के चक्कर काट रहे है। कंपनी को भीनमाल तहसील का राजस्व रेकर्ड एक मार्च को ऑनलाइन किया जाना था, लेकिन अभी तक नहीं हुर्ई है। ई-तहसीलों के राजस्व रेकर्ड को ऑनलाइन करने के कार्य की मंथर चाल का खामियाजा क्षेत्र के किसान भुगतने को मजबूर है। ऑनलाइन कार्य के चक्कर में किसानों के राजस्व रेकर्ड में म्यूटेशन व रहननामा दर्ज नहीं हो रहे है। 15 फरवरी से राजस्व रेकर्ड में म्यूटेशन व ऋणनामा दर्ज होना बंद है। रहननामे के लिए यहां पहुंचने वाले किसानों को संतोषप्रद जवाब नहीं मिल रहा है। किसानों का कहना है कि आवश्यकता होने पर केसीसी ऋण के लिए बैंक फाइल लगाई हुई है, लेकिन दो माह से रहननामा दर्ज नहीं हो पा रहा है। ऐसे में किसानों के अरमान मिट्टी में मिल रहे है। अधिकारियों का कहना है कि जमाबंदी का सत्यापन नहीं होने से कार्य नहीं हो पा रहा है।
खामियाजा भुगत रहे है किसान
राजस्व रेकर्ड ऑनलाइन करने वाली कंपनी की मनमर्जी का खामियाजा क्षेत्र के किसान भुगत रहे है। ऑनलाइन के कार्य की इतनी मंथर चाल है कि दो माह बाद भी यह कार्य पूरा नहीं हो पाया है। इतना हीं नहीं ऑनलाइन कार्र्य कब शुरू होगा, इसको लेकर कोई बताने को तैयार नहीं है। अधिकारी भी पिछले एक माह से दो-चार दिन का हवाला दे रहे है। अधिकारियों का कहना है कि ऑनलाइन होने के बाद ही रहननामा व म्यूटेशन के कार्य होंगे।
पहले आईडी व पासवर्ड में अटका
सरकार की ओर से भीनमाल तहसील का राजस्व रेकर्ड ऑनलाइन के लिए नोटिफिकेशन 3 अप्रेल को जारी हुआ था, लेकिन उसके बाद सप्ताहभर तक आईडी व पासवर्ड भी जारी नहीं हुए। अब एक पटवारी को ऑनलाइन कार्य का प्रशिक्षण भी मिल चुका है, लेकिन उसके बाद भी अभी तक यह कार्य नहीं हो रहा है। रहननामा व म्यूटेशन के लिए रोजाना तहसील में दर्जनों किसान पहुंच रहे है।
नहीं हो रहे है म्यूटेशन
पिछले दो माह से ऋणनामा दर्ज नहीं हो रहे है। किसानों को काफी परेशानी उठानी पड़ रही है। किसान हल्का पटवारी व तहसील कार्र्यालय के चक्कर काटने का मजबूर है।
डुंगाराम, किसान
नहीं हुआ है शुरू
राजस्व रेकर्ड ऑनलाइन का नोटिफिकेशन जारी हो चुका है। बीच में आईडी व पासवर्ड जारी नहीं हुए थे, अब जमाबंदी के प्रमाणित होने रहा है। ऑनलाइन होने के बाद भी म्यूटेशन व रहननामा दर्ज हो सकेंगे।
कालुराम प्रजापत, तहसीलदार-भीनमाल





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