हिण्डौनसिटी. सरकार भले ही शराब की बोतलों पर बड़े-बड़े अक्षरों में वैधानिक चेतावनी अंकित कर इसके दुष्परिणाम बताने पर जोर दे रही है, लेकिन शहर में शराब की दुकानें प्रचार-प्रचार के लिए लगाए पोस्टर-बैनरों से चमक रही हैं। प्रचार सामग्री के प्रतिबंध के बावजूद शराब के ठेकेदार आबकारी नियमों की खुलेआम धज्जियां उड़ा रहे हैं। लेकिन विभागीय अधिकारी इससे अनजान बने हुए हैं।
जानकारी के अनुसार नई मंडी थाने के समीप, बयाना मोड़, चौपड़ सर्किल, डेम्परोड, ओवरब्रिज के नीचे स्थित शराब की दुकानों पर संवेदकों ने ग्राहकों को आकर्षित करने के लिए बड़े-बड़े होर्डिंग्स व पोस्टर लगा दिए हैं। शराब के ठेकेदारों ने दुकानों के अलावा बिजली निगम के पोलों पर भी पोस्टर टांग दिए हैं। जबकि सार्वजनिक स्थानों पर प्रचार प्रसार सामग्री लगाने के लिए नगरपरिषद से अनुमति लेनी होती है। शाम ढलने के बाद इन होर्डिग्स की रंग-बिरंगी लाइट्स राह चलते लोगों का ध्यान अपनी ओर खींच लेती हैं।
बड़े होर्डिग्स, खींचते ध्यान
आबकारी नियमों में साफ कहा गया है कि कोई भी ठेकेदार शराब की बिक्री को बढ़ावा देने के लिए प्रचार नहीं करेगा। शहर में शराब के दुकानदार इस नियम को दरकिनार करके प्रचार कार्य में जुटे हैं। शराब की दुकानों को मॉल पैटर्न में सजाया गया है। हर दुकान की छत से लेकर भीतर तक रंग-बिरंगी प्रचार सामग्री लगाई गई है। मदिरा का प्रचार ऐसा किया जा रहा है जैसे कोई बेहद फायदे वाली चीज शहर में बेची जा रही है। दुकानदार इस बात का कतई ध्यान नहीं दे रहे हैं कि इससे नियमों का उल्लंघन हो रहा है. बल्कि दुकान का आकर्षण बढ़ाकर ग्राहकों का मन मोह रहे हैं।
नियमों में मनाही, फिर भी उल्लंघन
आबकारी विभाग के अनुसार एक्साइज पॉलिसी में नशे को बढ़ावा देने वाली वस्तुओं के प्रचार पर मनाही है। नियमानुसार दुकान पर उपलब्ध ब्रांड, स्टॉक और लाइसेंस के संबंध में जानकारी अंकित होनी चाहिए।
प्रचार करने वालों पर होगी कार्रवाई-
शराब दुकान के भीतर तो होर्डिग्स, पोस्टर इत्यादि लगाए जा सकते हैं। लेकिन दुकानों के बाहर पोस्टर लगाकर प्रचार किया जा रहा है, इसकी जानकारी नहीं है। जांच कर कार्रवाई की जाएगी।
-नीरज शर्मा, आबकारी निरीक्षक हिण्डौनसिटी।





No comments:
Post a Comment