चित्तौडग़ढ़. जिले के सुखवाड़ा क्षेत्र में भिंडी की फसल अच्छी रास आ रही है। लगातार मिल रहे अच्छे मूल्य के कारण लोगों का रूझान भी बढ़ा है। यह किसानों के लिए फसल अग्रणी है। लोगों को इस वर्ष भिण्डी की फसल के अच्छे भाव होने से आमदनी भी अच्छी हो रही है।
सुखवाडा सहित आसपास के गावों में 500 बीघा क्षेत्र मे भिण्डी की बुवाई हुई है ।अच्छी आमदनी के चलते किसानों के पूरे परिवार के सदस्य सुबह-श्याम उपज तोडऩे में खेतों में व्यस्त है। पहले चित्तौडग़ढ़ स्थिति कृषि उपज मंडी ओर उदयपुर मंडी उपज को बेच रहे थे । कृषि व्यवसायी सीधे सुखवाडा में आ कर उपज ले जा रहे है।
इससे किसानों को दोहरा लाभ भी हो रहा है गांव में चार पांच स्थानों पर काटे लगे है जहा भिण्डी तौल कर सीधी पंजाब, भूपालसागर, अजमेर, भीलवाड़ा, प्रतापगढ़, उदयपुर, उज्जैन भेजी जा रही ।
प्रतिदिन 70 किव्टंल से जादा बिक्री
किसानों की माने तो प्रतिदिन क्षेत्र में 70 क्विंटल से अधिक मात्रा में भिण्डी की उपज हो रही है। किसान उदयलाल धाकड़ ने बताया कि एक बीघा क्षेत्र से एक बार में करीब ढाई क्विंटल भिंडी टूटती है ओर बुवाई के मात्र 40 दिन मे ही भिण्डी टूटना शुरू हो जाती है । ऐसे मे यह फसल कम समय में किसानों अच्छी आय दे रही है । इस फसल में खर्चा भी कम ही आता है।
वैवाहिक सीजन मे बढ़ी भिंडी की मांग
होडा, कन्नौज, धामणी खेडा, रूपाजी का खेडा, मागरोल, कोटडी, बडोली सहित कई गांवों से किसान बिक्री के लिए सुखवाड़ा में आ रहे है । देखते ही देखते भिंडी से भरी की थैलिया व कपड़े की गांठे हाथों हाथ बिक रही है। वैवाहिक सीजन के कारण भी भिण्डी की मांग बढ़ गई है ।
मंडी से 6 रूपए प्रति किलो ज्यादा मिल रहे
कालूराम धाकड़ ने बताया कि गांव में काटे लगने से चितौडग़ड़ कृषि उपज मंडी से ६-८ रुपए प्रति किलो से रुपए जादा मिल रहा। किसानो को सोमवार को कृषि उपज मंडी मे 32 से 34 रुपए प्रति किलो बिकी जबकि गांव मेें 40 रुपए प्रति किलो बिक्री जिससे किसानों मंडी से अच्छा भाव मिल गया।





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