सवाईमाधोपुर. रणथम्भौर में एक बार फिर से बाघ शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू होने वाली है। वन विभाग की ओर से इसकी तैयारी शुरू कर दी गई है। इसके लिए नेशनल टाइगर कंजरवेशन अथॉरियटी(एनटीसीए) व वाइल्ड लाइफ इंस्टिट्यूट (डब्ल्यूआईआई) से मंजूरी मिली चुकी है। इतना ही नहीं एनटीसीए व डब्ल्यूआईआई की टीम बाघ शिफ्टिंग की तैयारियों का जायजा लेने के लिए रणथम्भौर भी पहुंच चुकी है।
चार से छह साल का बाघ भेजा जाएगा
रणथम्भौर से सरिस्का फिलहाल एक बाघ भेजा जाएगा। वन विभाग की ओर से मिली जानकारी के अनुसार सरिस्का चार से छह साल का नर बाघ भेजा जाएगा। विभाग की ओर से इसके लिए प्राथमिक तौर पर पांच बाघ चिह्नित किए गए हैं। लेकिन अभी कौन सा बाघ भेजा जाएगा यह फाइनल नहीं है।
आज बैठक में होगा फैसला
सरिस्का बाघ भेजने के संबंध में मंगलवार को दोपहर तीन बजे सीसीएफ कार्यालय में बैठक का आयोजन किया जाएगा। इसमें एनटीसीए, डब्ल्यूआईआई के सदस्य, सरिस्का के फील्ड डायरेक्टर घनश्याम शर्मा आदि के साथ रणथम्भौर के वन अधिकारियों की बैठक होगी। इसमें कौनसा बाघ भेजा जाएगा यह निश्चित किया जाएगा। विभाग की मंशा सरिस्का में चार से छह साल का बाघ भेजने की है।
एनटीसीए व डब्ल्यूआईआई की टीम ने किया पार्क भ्रमण
बाघ शिफ्टिंग की तैयारियों का जायजा लेने के एनटीसीए व डब्ल्यूआईआई की कुल दो सदस्यीय टीम रणथम्भौर पहुंच चुकी है। टीम ने सोमवार को रणथम्भौर राष्ट्रीय उद्यान का भ्रमण कर शिफ्टिंग की तैयारियों का जायजा लिया और कई बाघ चिह्नित किए।
अब तक आठ बाघ बाघिनों को किया शिफ्ट
सरिस्का के पूर्व में बाघ विहीन होने के बाद 2008 में सरिस्का को फिर से बाघों से आबाद करने के लिए रणथम्भौर से शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू की गई। तब से लेकर अब तक रणथम्भौर से आठ बाघ-बाघिनों को सरिस्का शिफ्ट किया जा चुका है। इनमें टी-1, टी-7, टी-10, टी-12, टी-18, टी-44 , टी-51 व टी-52 शामिल है, जबकि एक बाघ खुद ही रणथम्भौर से निकलकर सरिस्का चला गया था।
छह साल बाद फिर भेजा जाएगा सरिस्का
रणथम्भौर से करीब आठ साल बाद नर बाघ का सरिस्का भेजे जाने की तैयारी की जा रही है। आखिरी बार 2013 में रणथम्भौर से बाघ शिफ्ट करके सरिस्का भेजा गया था। इसके बाद से सरिस्का में दो बाघ भेजे जाने की मांग की जा रही थी, लेकिन अनुमति नहीं मिलने के कारण शिफ्टिंग अटकी हुई थी। अब अनुमति मिलने के बाद फिर से शिफ्टिंग की प्रक्रिया शुरू की गई है।
वर्तमान में सरिस्का में बाघों का कुनबा
बाघ 3
बाघिन 8
शावक 8
(तीन शावक लापता)
रणथम्भौर से सरिस्का एक बाघ भेजा जाना है। इसके लिए एनटीसीए व डब्ल्यूआईआई की टीम रणथम्भौर पहुंच गई है। कुछ बाघ चिह्नित किए गए हैं, लेकिन कौनसा बाघ भेजा जाएगा अभी यह फाइनल नहीं है।
मनोज पाराशर, सीसीएफ, रणथम्भौर बाघ परियोजना, सवाईमाधोपुर





No comments:
Post a Comment