उदयपुर . गत दिनों तेज आंधी आने पर विद्युत निगम (avvnl ajmer) के तकनीकी कर्मचारियों के साथ ही ठेकेदारों और अन्य लोगों की सहायता लेनी पड़ी, इसके बावजूद पांच दिन बाद भी सभी जगह बिजली बहाल नहीं हो पाई है। इस स्थिति को नजरअंदाज कर विद्युत निगम के फील्ड ड्यूटी वाले तकनीकी कर्मचारियों में से आधे की ड्यूटी चुनाव में लगा दी गई है। ऐसे में चुनाव के दौरान तूफान, बारिश या अन्य प्राकृतिक आपदा आती है तो बिजली के अभाव में मतदान प्रभावित होने से भी इनकार नहीं किया जा सकता है। चुनाव कार्य के लिए कई विभागों से कार्मिकों की ड्यूटी लगाई गई है। इनमें आवश्यक सेवाओं से जुड़े विभागों के कार्मिकों को भी लगाया गया है लेकिन एक ही कार्यालय के 50 से 60 प्रतिशत कार्मिकों की ड्यूटी लगा देने से आमजन से जुड़े कार्य प्रभावित होंगे।
बिजली ने किया सर्वाधिक परेशान
गत मंगलवार को अचानक बदले मौसम के बाद तेज अंधड़ चलने से विद्युत निगम के पोल, ट्रांसफार्मर, लाइन, फीडर आदि क्षतिग्रस्त हो गए थे जिससे लगभग पूरे जिले की बिजली व्यवस्था गड़बड़ा गई थी।
प्रमुख कार्यालयों के कर्मचारी लगाए
सविना और मधुवन सहायक अभियंता कार्यालय के अधीन शहर का बड़ा क्षेत्र आता है जिनके लगभग आधे तकनीकी कर्मचारियों को चुनावी ड्यूटी पर लगा दिया गया है।
हेल्परों को बनाया द्वितीय पीठासीन अधिकारी
चुनाव ड्यूटी लगने के बाद ही विद्युत निगम के हेल्पर, लाइनमैन आदि को पीठासीन अधिकारी द्वितीय की ड्यूटी पर लगा दिया गया। सूत्रों के अनुसार इनमें से कई हेल्पर और लाइन मैन मात्र आठवीं पास हैं। कुछ को तो अपने हस्ताक्षर करना भी नहीं आता। कुछ कर्मचारी ऐसे है जो मृतक आश्रितों की जगह लगे हैं।
यह है स्थिति
सहायक कुल चुनाव
अभियंता तकनीकी ड्यूटी
कार्यालय कर्मचारी पर
मधुवन 33 15
सविना 25 12
अम्बामाता 34 18
चुनाव कार्य महत्वपूर्ण है। 30 से 35 तकनीकी कर्मचारियों की ड्यूटी चुनाव में लगी है। जिला निर्वाचन अधिकारी से तकनीकी कर्मचारियों को रिजर्व में रखने का अनुरोध किया गया है। ऐसे में बिजली संबंधित किसी प्रकार की समस्या आने पर इनका उपयोग लिया जा सकेगा।
- गिरिश पारिख, अधीक्षक अभियंता, अविविनिलि, उदयपुर





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